नगर निगम के ठेकों में माफियावाद की जांच पूरी:अफसर और ठेकेदार मिलकर चला रहे थे टेंडर सिंडीकेट, जल्द होगा बड़ा एक्शन

Oct 08, 2026 - 16:18
0
नगर निगम के ठेकों में माफियावाद की जांच पूरी:अफसर और ठेकेदार मिलकर चला रहे थे टेंडर सिंडीकेट, जल्द होगा बड़ा एक्शन
कानपुर नगर निगम के टेंडर में माफियावाद की जांच अब मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन ने पूरी कर ली है। उन्होंने करोड़ों के टेंडर में किस तरह से नगर निगम के अफसरों से लेकर ठेकेदार इन्वॉल्व रहते थे और बड़ा खेल चल रहा था। इसकी गोपनीय जांच रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही नगर निगम के दागी अफसरों और ठेकेदारों के खिलाफ एक बार फिर से बड़े एक्शन की तैयारी है। कई अधिकारियों पर लटकी कार्रवाई की तलवार मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन ने बताया कि जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। रिपोर्ट में जिन लोगों की भूमिका सामने आई है, उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। अब शासन स्तर से जल्द ही आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि गुणवत्ता समेत दो-तीन अन्य मामलों की जांच अभी जारी है। इनकी रिपोर्ट भी अगले 10 से 15 दिन में शासन को भेज दी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद मामले में जांच और कार्रवाई तेज हुई है। अब शासन स्तर की रिपोर्ट के आधार पर नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। 15-20 फर्मों का बना था कॉकस मंडलायुक्त के मुताबिक, नगर निगम में करीब 15 से 20 फर्मों का एक कॉकस बना हुआ था। यही फर्में बार-बार नगर निगम के काम हासिल कर रही थीं। जांच के बाद संबंधित फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। 5 फर्मों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। फर्मों के पंजीकरण से जुड़े दस्तावेजों में कई गड़बड़ियां मंडलायुक्त के निर्देश पर सीडीओ अनुभव जे. जैन की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी। समिति में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया। जांच के दौरान नगर निगम में पंजीकृत करीब 15 से 20 फर्मों के दस्तावेजों और उनके जरिए हासिल किए गए टेंडरों की जांच की गई। इसमें पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान कागजातों और टेंडर से जुड़े दस्तावेजों में कई गड़बड़ियां सामने आईं। अब तक पांच फर्म ब्लैकलिस्ट, छह ठेकेदारों पर एफआईआर टेंडर घोटाले में अनियमितता मिलने पर पांच फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। वहीं छह ठेकेदारों के खिलाफ फजलगंज और स्वरूपनगर थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि ठेकेदारों के सिंडिकेट से जुड़े गोविंद शर्मा ने गिरफ्तारी पर स्टे हासिल कर लिया था। अब पुलिस की एसआईटी गोविंद शर्मा से भी पूछताछ कर रही है। नगर निगम में करीब 400 फर्में पंजीकृत हैं, जबकि 27 बड़े ठेकेदार हॉट मिक्स प्लांट से जुड़े हैं। आरोप है कि ठेकेदारों ने सिंडिकेट बनाकर काम हासिल किए और अवैध वसूली का नेटवर्क चलाया।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User