नकली सीमेंट बनाने वाले आरोपियों को पकड़ने में फेल पुलिस:पुलिस कमिश्नर ने लगाई फटकार, सरकारी प्रोजेक्टों में इस्तेमाल हुई थी 10 लाख बोरियां
कानपुर के पनकी स्थित इस्पात नगर में एसीसी और अंबुजा के नाम पर नकली सीमेंट बनाने वाली फैक्ट्री के चार आरोपियों को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इनमें फैक्ट्री संचालक दो सगे भाई और मेरठ के दो साझेदार शामिल हैं। पुलिस कमिश्नर की फटकार और गिरफ्तारी के अल्टीमेटम के बाद भी आरोपियों का पता नहीं चल सका है। मंगलवार को पनकी थाने के निरीक्षण के दौरान पुलिस कमिश्नर ने थाना प्रभारी को फटकार लगाई। फैक्ट्री में छापेमारी के दौरान 1,000 से ज्यादा भरी और 3,000 से ज्यादा खाली बोरियां बरामद हुई थीं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में खुली नकली सीमेंट भी मिली थी। पुलिस ने मौके से एक मुंशी राहुल को गिरफ्तार किया था। उसी से पूछताछ में फैक्ट्री संचालकों और उनके साझेदारों के नाम सामने आए थे। जांच में सामने आया कि फैक्ट्री में करीब तीन साल से नकली सीमेंट तैयार कर कई शहरों में सप्लाई की जा रही थी। आरोप है कि इसकी बोरियां सीएम ग्रिड, लखनऊ एयरपोर्ट समेत कई निर्माण कार्यों में खपाई गईं। पुलिस कमिश्नर ने आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। पुलिस कमिश्नर ने निरीक्षण के दौरान लगाई फटकार मंगलवार को पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने पनकी थाने का निरीक्षण किया। इस दौरान नकली सीमेंट फैक्ट्री के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर उन्होंने इंस्पेक्टर को कड़ी फटकार लगाई। थाना प्रभारी ने जवाब में मेरठ समेत अन्य स्थानों पर दबिश देने की बात कही। पुलिस कमिश्नर ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मामले में लापरवाही बरतने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अब तक चारों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। छापेमारी में मिली थीं हजारों नकली बोरियां अदाणी ग्रुप की कानपुर शाखा के सीनियर सेल्स मैनेजर मुमताजुल हक की शिकायत पर पुलिस ने पनकी के इस्पात नगर स्थित फैक्ट्री में छापा मारा था। यहां एसीसी और अंबुजा सीमेंट के नाम पर नकली सीमेंट तैयार की जा रही थी। पुलिस ने मौके से 1,000 से अधिक भरी बोरियां, 3,000 से अधिक खाली बोरियां और बड़ी मात्रा में खुली सीमेंट बरामद की थी। इसके बाद फैक्ट्री को सील कर दिया गया था। पुलिस ने फैक्ट्री में काम करने वाले मुंशी राहुल को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया कि फैक्ट्री नीरज गुप्ता और उसके भाई धीरज गुप्ता की है। दोनों एसीसी और अंबुजा सीमेंट के तीन साल से डिस्ट्रीब्यूटर भी हैं। आरोप है कि इसी की आड़ में फैक्ट्री में नकली सीमेंट तैयार कर कई शहरों में सप्लाई की जाती थी। इस मामले में मेरठ के सुनील मित्तल और निशांत मित्तल को भी साझेदार बताया गया है। आरोप है कि नकली सीमेंट की बोरियां सीएम ग्रिड, लखनऊ एयरपोर्ट समेत कई निर्माण कार्यों में इस्तेमाल की गईं। पुलिस अब चारों आरोपियों की तलाश में दबिश देने का दावा कर रही है।
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