नोएडा में बिजनेस के बहाने 1.03 करोड़ की ठगी:पीड़ित ने 31 बार में रकम की ट्रांसफर, 1500 डॉलर मुनाफा का दिया लालच
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले एक व्यक्ति को पोलैंड की कंपनी से कारोबार का बड़ा ऑर्डर दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने करीब 1.03 करोड़ रुपये ऐठ लिए। वॉट्सऐप के जरिए संपर्क कर पीड़ित को जिनसेंग उत्पाद की खरीद-बिक्री में मोटा मुनाफा होने का भरोसा दिया। इसके बाद भारतीय सप्लायर के नाम और बैंक खातों की जानकारी देकर उनसे 31 बार में रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। बुधवार को मुकदमा दर्ज किया गया। पीड़ित को न तो कंपनी की ओर से ऑर्डर मिला और न ही निवेश की गई रकम वापस हुई। मामले में साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-टेकज़ोन-फोर हवेलिया वैलेनोवा पार्क सोसासटी में रहने वाले त्रिभुवन कुमार (44) ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि 17 मार्च 2026 को उनके साथ ऑनलाइन कारोबार के नाम पर ठगी की घटना हुई। एक व्यक्ति ने वॉट्सऐप पर उनसे संपर्क किया और खुद को पोलैंड की एक कंपनी का प्रतिनिधि बताया। उसने कहा कि कंपनी को जिनसेंग वाइल्ड स्ट्रैटिफाइड नट नाम का उत्पाद खरीदना है। इसके लिए प्रति पैकेट 2500 अमेरिकी डॉलर देने की बात कही गई। एक पैकेट पर 1500 डॉलर मुनाफे का लालच दिया
आरोपियों ने पीड़ित को बताया कि वह भारत में एक सप्लायर से यही उत्पाद 1000 अमेरिकी डॉलर प्रति पैकेट की दर से खरीद सकते हैं। इसके बाद पोलैंड की कंपनी को 2500 डॉलर प्रति पैकेट के हिसाब से बेचकर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। आरोपियों ने भारत में सप्लायर के तौर पर शर्मा एंटरप्राइजेज का नाम बताया। इसका पता समदुर, गंगटोक ईस्ट, सिक्किम-737102 बताया गया। साथ ही एक मोबाइल नंबर भी दिया गया। इसके बाद कथित पोलिश कंपनी की ओर से पीड़ित को ईमेल भेजा गया। इसमें शुरुआत में 130 पैकेट खरीदने और बाद में 1000 पैकेट का ऑर्डर देने की बात कही गई। बड़े ऑर्डर और मोटे मुनाफे के भरोसे में आकर पीड़ित ने उत्पाद खरीदने के लिए भुगतान करना शुरू कर दिया। मुंबई के अलग-अलग बैंक खातों में भेजे 1.03 करोड़ रुपये
शिकायत के मुताबिक पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में 31 बार में करीब 1.03 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। ये बैंक खाते मुंबई में बताए गए हैं। रकम भेजने के बाद भी जब वादा किया गया खरीद का ऑर्डर पूरा नहीं हुआ, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। उन्हें पता चला कि कारोबार का पूरा प्रस्ताव फर्जी था और उनके साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी की गई है।
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