नवरात्रि के छठवें दिन मां कात्यायनी का दर्शन-पूजन:हल्दी चढ़ाने से मिलता है मनचाहा वर, भक्तों का उमड़ा जनसैलाब

Oct 16, 2026 - 08:44
0
नवरात्रि के छठवें दिन मां कात्यायनी का दर्शन-पूजन:हल्दी चढ़ाने से मिलता है मनचाहा वर, भक्तों का उमड़ा जनसैलाब
शारदीय नवरात्रि के छठवें दिन शुक्रवार को मां दुर्गा के छठवें स्वरूप मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है। वाराणसी के पक्का महल स्थित सिद्धेश्वरी में मां कात्यायनी देवी के मंदिर में सुबह से ही दर्शन-पूजन के लिए भक्त पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मांगा। मंदिर में मां कात्यायनी के दर्शन-पूजन के साथ भगवान गणेश, शनिदेव और शुक्र व मंगल ग्रहों की शांति के लिए भी विशेष पूजा-पाठ किया जाता है। मंदिर के महंत के अनुसार, नवरात्रि के छठवें दिन मां कात्यायनी की आराधना का विशेष महत्व है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां की पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 40 दिन हल्दी चढ़ाने से मिलता है मनचाहा वर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी को हल्दी का लेपन लगाने से विवाह संबंधी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मान्यता है कि कुंवारी कन्याएं लगातार 40 दिन तक माता को हल्दी अर्पित करती हैं तो उन्हें मनचाहा वर मिलता है। वहीं, युवक भी माता के चरणों में हल्दी का लेपन कर अच्छी जीवनसंगिनी की कामना करते हैं। मां कात्यायनी को दही अर्पित करने की भी परंपरा है। कात्यायन ऋषि की पुत्री के रूप में हुआ था प्राकट्य पंडित शिवशंकर मिश्रा के अनुसार, मां कात्यायनी की चार भुजाएं हैं। उनके हाथों में कमल और तलवार सहित विभिन्न आयुध सुशोभित हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार, महर्षि कात्यायन ने देवी दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या की थी। देवी ने प्रसन्न होकर उन्हें दर्शन दिए और वरदान मांगने को कहा। इस पर ऋषि ने देवी को अपनी पुत्री के रूप में प्राप्त करने की इच्छा जताई। उनकी कामना पूरी हुई और देवी ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया। इसी कारण उनका नाम कात्यायनी पड़ा।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User