पैरा एशियन गेम्स में भारत का पहला पदक:मोना अग्रवाल ने गोल्ड, अवनी लेखरा ने सिल्वर जीता; पहले दिन वन-टू फिनिश
भारतीय निशानेबाज मोना अग्रवाल और अवनी लेखरा ने पैरा एशियन गेम्स में भारत को पहले दिन सोमवार को 2 पदक दिलाए। राइफल शूटिंग में मोना ने गोल्ड और अवनी ने सिल्वर जीता। नागोया में चल रहे गेम्स में दोनों ने शानदार वन-टू फिनिश किया। क्वालिफिकेशन राउंड में अवनी दूसरे स्थान पर रहीं। उनसे आगे मोना थीं। मोना ने क्वालिफिकेशन में 629.1 का स्कोर किया। यह एशियन पैरा गेम्स क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड है। मोना को 9 महीने की उम्र में पोलियो हुआ मोना अग्रवाल राजस्थान के सीकर की पैरा-शूटिंग खिलाड़ी हैं। उनका जन्म 8 नवंबर 1987 को हुआ था। नौ महीने की उम्र में उन्हें पोलियो हुआ था और दोनों पैर प्रभावित हुए। पैरा-शूटिंग शुरू करने से पहले मोना पैरा-एथलेटिक्स और पैरा-पावरलिफ्टिंग में हिस्सा लेती थीं। उन्होंने महिलाओं की सिटिंग वॉलीबॉल में भी अहम भूमिका निभाई। कार एक्सीडेंट में अवनी की रीढ़ की हड्डी में चोट लगी 2012 में कार दुर्घटना के दौरान अवनी लेखरा की रीढ़ की हड्डी में चोट लगी थी। उस समय वह 10 साल की थीं। ठीक होने के दौरान उनके पिता ने उन्हें खेलों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। अवनी ने ओलिंपिक शूटिंग चैंपियन अभिनव बिंद्रा की आत्मकथा ‘ए शॉट एट हिस्ट्री’ से प्रेरित होकर 2015 में शूटिंग शुरू की। अवनी ने बताया है कि शूटिंग ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद की। इससे वह लोगों से बातचीत करने में भी सहज हुईं। अवनी ने राजस्थान यूनिवर्सिटी से पांच साल की लॉ डिग्री की पढ़ाई की। इसके साथ उन्होंने अपना कठिन ट्रेनिंग और प्रतियोगिता कार्यक्रम भी संभाला। उनकी यात्रा ने उन्हें खेलों में ज्यादा सुगमता और समान अवसर की मांग करने वाली प्रमुख आवाज बनाया है।
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