फरीदाबाद विस्फोटक बरामदगी का हाथरस कनेक्शन:क्राइम ब्रांच ने एक कारोबारी को उठाया, 2496 किलो विस्फोटक सामग्री मिली थी
फरीदाबाद में पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाली 2496 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद होने के बाद जांच का कनेक्शन हाथरस से जुड़ गया है। फरीदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम ने शहर में छापेमारी कर बालापट्टी निवासी रंग और हींग कारोबारी को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही स्थानीय कारोबारियों में खलबली मच गई। फरीदाबाद पुलिस ने इस मामले में पुनीत नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि बरामद सामग्री हाथरस से लाई गई थी। आरोपी ने शहर की दो फर्मों के नाम भी बताए थे। इसके बाद फरीदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम हाथरस पहुंची और संदिग्ध सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल शुरू की। फरीदाबाद में पुलिस ने बड़ी मात्रा में पटाखा बनाने में इस्तेमाल होने वाली रासायनिक सामग्री बरामद की थी। मामले में पुनीत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उससे सप्लाई के बारे में पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पुनीत ने पूछताछ में बताया कि सामग्री हाथरस से लाई गई थी। उसने शहर की दो फर्मों के नाम भी बताए। इसी जानकारी के आधार पर फरीदाबाद क्राइम ब्रांच हाथरस पहुंची और कारोबारियों से जुड़े ठिकानों की जांच शुरू की। बालापट्टी के कारोबारी को पूछताछ के लिए ले गई टीम फरीदाबाद से आई क्राइम ब्रांच की टीम ने हाथरस में छापेमार कार्रवाई की। टीम बालापट्टी निवासी एक रंग और हींग कारोबारी को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। कार्रवाई के बाद शहर के दूसरे कारोबारी भी सतर्क हो गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हाथरस से फरीदाबाद तक रासायनिक सामग्री किस माध्यम से पहुंची। इतनी बड़ी मात्रा में पोटेशियम नाइट्रेट और गंधक किससे खरीदा गया और इसे कहां इस्तेमाल किया जाना था, इसकी भी जांच की जा रही है। 2023 से कई मामलों में सामने आ चुका है हाथरस का नाम रासायनिक सामग्री की सप्लाई से जुड़े मामलों में हाथरस का नाम पहले भी सामने आ चुका है। वर्ष 2023 में पश्चिम बंगाल के दत्तपुकुर पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के बाद एसटीएफ की जांच में हाथरस की एक फर्म से 50-50 किलो के 10 कट्टे कलमी शोरा हावड़ा भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी। मई 2026 में देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के बाद गठित एसआईटी भी हाथरस पहुंची थी। सासनी के एक कारोबारी की फर्म से पोटेशियम नाइट्रेट की सप्लाई की आशंका में पूछताछ की गई थी। सहपऊ में भी 132 किलो निर्मित-अर्धनिर्मित पटाखे और कच्चा माल बरामद किया गया था। सिकंदराराऊ में भी 45 किलो सामग्री पकड़ी गई थी सितंबर 2026 में सिकंदराराऊ में दो लोगों को करीब 45 किलो रासायनिक सामग्री के साथ पकड़ा गया था। अब फरीदाबाद में हुई बड़ी बरामदगी में हाथरस का नाम सामने आने के बाद हरियाणा पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस की नजर उन अन्य कारोबारियों पर भी है, जिनके नाम सर्विलांस या खुफिया सूचनाओं में सामने आ रहे हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हाथरस से फरीदाबाद तक रासायनिक सामग्री की सप्लाई का पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
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