ईरान-अमेरिका तनाव पर नॉर्वे से पीएम मोदी का बड़ा संदेश, बोले- युद्ध नहीं संवाद से निकलेगा समाधान

नॉर्वे दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान-अमेरिका तनाव और यूक्रेन संकट को लेकर बड़ा संदेश दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध नहीं बल्कि संवाद और कूटनीति ही हर समस्या का समाधान है।

ईरान-अमेरिका तनाव पर नॉर्वे से पीएम मोदी का बड़ा संदेश, बोले- युद्ध नहीं संवाद से निकलेगा समाधान

दि राइजिंग न्यूज |  19 मई 2026

नॉर्वे से दुनिया को शांति का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे दौरे के दौरान वैश्विक तनाव और युद्ध जैसे हालात पर दुनिया को बड़ा संदेश दिया है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसी भी समस्या का समाधान केवल सैन्य संघर्ष से नहीं निकाला जा सकता। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत और नॉर्वे दोनों ही संवाद, कूटनीति और नियम आधारित व्यवस्था में विश्वास रखते हैं। पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया और यूक्रेन में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय अस्थिरता और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। ऐसे माहौल में भारत लगातार शांति, स्थिरता और बातचीत के रास्ते को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे ईरान-अमेरिका तनाव हो या यूक्रेन संकट, भारत हर उस प्रयास का समर्थन करेगा जिससे युद्ध खत्म हो और शांति स्थापित हो सके।

भारत-नॉर्वे रिश्तों को मिला नया विस्तार

नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ हुई बैठक में दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने स्वच्छ ऊर्जा, हरित परिवहन, जलवायु परिवर्तन, समुद्री अर्थव्यवस्था और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे के रिश्तों को अब हरित रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाया जा रहा है।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की गति, प्रतिभा और विशाल बाजार को नॉर्वे की तकनीक और निवेश क्षमता के साथ जोड़कर दुनिया के लिए नए समाधान तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी केवल दोनों देशों के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए लाभकारी साबित होगी।

भारत-यूरोप संबंधों का नया स्वर्णिम दौर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में भारत और यूरोप के संबंधों को नया स्वर्णिम दौर बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक संकटों के बीच भारत और यूरोप के रिश्ते तेजी से मजबूत हो रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में लोकतांत्रिक देशों के बीच सहयोग और विश्वास बेहद जरूरी हो गया है।उन्होंने कहा कि भारत और यूरोप केवल आर्थिक साझेदार नहीं बल्कि वैश्विक स्थिरता और विकास के लिए भी साथ मिलकर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि आने वाले वर्षों में यह साझेदारी दुनिया की नई आर्थिक और रणनीतिक दिशा तय करेगी।

आतंकवाद के खिलाफ साझा एकजुटता

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में आतंकवाद का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है और इसके खिलाफ पूरी दुनिया को एकजुट होना होगा। भारत और नॉर्वे ने संयुक्त बयान जारी कर सीमा पार आतंकवाद सहित हर प्रकार के उग्रवाद की कड़ी निंदा की।दोनों देशों ने आतंकवादी संगठनों, उनके समर्थकों और वित्तपोषण नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक और समन्वित वैश्विक कार्रवाई ही दुनिया को सुरक्षित बना सकती है।

भारत में निवेश के लिए नॉर्वे को न्योता

प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे की कंपनियों को भारत में निवेश के लिए खुला निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि भारत में व्यापार और निवेश के लिए वातावरण तेजी से बेहतर हुआ है। कर व्यवस्था, श्रम कानूनों और प्रशासनिक सुधारों के जरिए निवेशकों के लिए नई सुविधाएं तैयार की गई हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के बीच हुए समझौते के तहत अगले पंद्रह वर्षों में भारत में सौ अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश और लाखों रोजगार सृजित होने की संभावना है। उन्होंने वर्ष 2030 तक भारत और नॉर्वे के बीच व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य भी रखा।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अंतरिक्ष में बढ़ेगा सहयोग

दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल तकनीक, साइबर सुरक्षा और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और नॉर्वे की अंतरिक्ष एजेंसी के बीच हुए समझौते का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष सहयोग को नई दिशा मिलेगी।प्रधानमंत्री ने आर्कटिक अनुसंधान में नॉर्वे के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत का अनुसंधान केंद्र “हिमाद्री” दोनों देशों की वैज्ञानिक साझेदारी का मजबूत उदाहरण है।