रूस-यूक्रेन युद्ध पर निर्णायक मोड़: शांति वार्ता की शुरुआत और युद्धबंदियों की अदला-बदली
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली/कीव/मॉस्को । 20 मई 2025 । रूस-यूक्रेन युद्ध अब एक निर्णायक मोड़ पर है। दो साल से भी अधिक चले इस संघर्ष में अब पहली बार ऐसी संभावना बनी है कि दोनों देश युद्धविराम पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। इस कूटनीतिक परिवर्तन की शुरुआत हुई है अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से, जिन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की और तत्पश्चात शांति वार्ता के संकेत दिए।
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली/कीव/मॉस्को । 20 मई 2025 ।
रूस-यूक्रेन युद्ध अब एक निर्णायक मोड़ पर है। दो साल से भी अधिक चले इस संघर्ष में अब पहली बार ऐसी संभावना बनी है कि दोनों देश युद्धविराम पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। इस कूटनीतिक परिवर्तन की शुरुआत हुई है अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से, जिन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की और तत्पश्चात शांति वार्ता के संकेत दिए।

शांति वार्ता की बड़ी पहल
डोनाल्ड ट्रंप ने 19 मई को घोषणा की कि रूस और यूक्रेन जल्द ही "तत्काल" युद्धविराम वार्ता शुरू करेंगे। यह बयान ट्रंप और पुतिन के बीच दो घंटे की गहन बातचीत के बाद आया, जिसमें पुतिन ने संभावित शांति समझौते के एक ज्ञापन पर काम करने की इच्छा जाहिर की।
हालांकि पुतिन ने एक बार फिर यूक्रेन से कुछ क्षेत्रीय रियायतों की मांग की है, जिससे पश्चिमी यूरोपीय देश चिंतित हैं। फ्रांस, जर्मनी और पोलैंड जैसे देश आशंका जता रहे हैं कि यह समझौता रूस के पक्ष में झुका हुआ हो सकता है।

इस बातचीत के बाद महत्वपूर्ण बिन्दु
- रूस-यूक्रेन युद्धविराम को लेकर 19 मई 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच करीब दो घंटे तक फोन पर अहम बातचीत हुई। इस बातचीत के बाद दोनों नेताओं ने युद्धविराम और शांति वार्ता को लेकर कई महत्वपूर्ण संकेत दिए।
-
ट्रंप ने बातचीत को "बहुत अच्छा" बताया और कहा कि रूस और यूक्रेन जल्द ही युद्धविराम और युद्ध समाप्ति के लिए बातचीत शुरू करेंगे। ट्रंप का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच शर्तें बातचीत के जरिए तय होंगी।
-
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट के अनुसार, ट्रंप और पुतिन दोनों ही इस संघर्ष से थक चुके हैं और अब युद्धविराम देखना चाहते हैं।
-
पुतिन ने भी बातचीत को "उपयोगी" बताया और कहा कि रूस यूक्रेन के साथ संभावित शांति समझौते के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए संकट के मूल कारणों को हल करना जरूरी बताया।
-
पुतिन ने ट्रंप को धन्यवाद दिया कि उन्होंने रूस-यूक्रेन के बीच सीधी वार्ता फिर से शुरू करने की पहल की। पुतिन ने कहा कि अगर उचित समझौते हो जाते हैं, तो सीजफायर संभव है और रूस एक ज्ञापन पर काम करने को तैयार है जिसमें शांति समझौते के सिद्धांत और समय-सीमा तय की जाएगी।
-
ट्रंप ने पुतिन से बात करने के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की, यूरोपीय संघ की अध्यक्ष, फ्रांस, इटली, जर्मनी और फिनलैंड के नेताओं को भी इस वार्ता की जानकारी दी।
हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, फिलहाल कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है और वार्ता जारी रखने की जरूरत है। लेकिन दोनों पक्षों ने सीधी बातचीत और भविष्य में शांति समझौते की संभावना को खुला रखा है, जिससे युद्धविराम की उम्मीदें मजबूत हुई हैं।
कैदियों की ऐतिहासिक अदला-बदली
एक और बड़ी घटनाक्रम में, रूस और यूक्रेन ने इस्तांबुल में एक बड़ी सौदेबाज़ी की – दोनों पक्षों ने 1,000-1,000 युद्धबंदियों की अदला-बदली पर सहमति जताई है। यह 2022 के बाद से अब तक की सबसे बड़ी युद्धबंदी विनिमय है, जो दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।
युद्धक्षेत्र में जारी गतिरोध
हालांकि कूटनीतिक स्तर पर बातचीत हो रही है, लेकिन ज़मीन पर युद्ध अब भी जारी है। रूसी सेना ने मई 2025 की शुरुआत में कुप्यांस्क, तोरेत्स्क, नोवोपाव्लिवका और वेलिका नोवोसिल्का क्षेत्रों में आक्रामक कार्रवाई की। यूक्रेनी बलों ने भी कुछ सीमावर्ती इलाकों में जवाबी हमले किए, लेकिन युद्ध की स्थिति अब भी संतुलित है।
अंतरराष्ट्रीय रणनीति में बदलाव
यूरोपीय यूनियन ने ट्रंप की पहल से अलग एक नई रणनीति बनाई है। फ्रांस, जर्मनी और पोलैंड ने "Weimar+" नामक एक नया समूह बनाया है, जो यूरोप के सामूहिक हितों की रक्षा करते हुए रूस-यूक्रेन युद्ध पर अपनी भूमिका को सशक्त करेगा। यूरोपीय देश अब यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि शांति समझौता केवल अमेरिका-रूस की मर्जी से न हो, बल्कि उसमें यूक्रेन की संप्रभुता और यूरोपीय हित भी सुरक्षित रहें।
निष्कर्ष
रूस और यूक्रेन के बीच चल रही इस दीर्घकालिक जंग में अब कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं मजबूत होती दिखाई दे रही हैं। लेकिन क्या यह शांति वास्तविक होगी या केवल एक अस्थायी विराम – यह आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होगा। दुनियाभर की निगाहें अब कीव, मॉस्को और वॉशिंगटन पर टिकी हैं।