प्रोफेसर के बेटे ने फंदा लगाने की कोशिश की:19 साल का युवक है NEET क्वालिफाई, अब पीजीआई में भर्ती, हालत सामान्य
बांदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. सुशील पटेल के 19 वर्षीय बेटे आशीष पटेल ने शुक्रवार सुबह आवास विकास बी-6 स्थित किराये के मकान में साड़ी से फंदा लगाने का प्रयास किया था। गंभीर हालत में उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई लखनऊ रेफर किया गया। उपचार के दौरान उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। हालांकि, अब उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। रविवार सुबह करीब सात बजे डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है। आशीष ने हाल ही में NEET-UG (MBBS) की परीक्षा में सफलता हासिल की थी। उसे ऑल इंडिया रैंक (AIR) 11,000 मिली थी। परिवार के अनुसार, 15 अक्टूबर को उसे एम्स में एमबीबीएस में दाखिले की प्रक्रिया के लिए जाना था। ऐसे में दाखिले से पहले उसके फंदा लगाने के प्रयास की घटना से परिवार और परिचित हैरान हैं। स्वजन ने समय रहते बचाया डॉ. सुशील पटेल के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे आशीष ने आवास विकास स्थित किराये के मकान में साड़ी से फंदा लगाने का प्रयास किया। स्वजन की नजर पड़ते ही उसे फंदे से नीचे उतारा गया। इसके बाद उसे तत्काल रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया था। डॉ. सुशील पटेल ने बताया कि आशीष पहले एटा में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। करीब तीन माह से वह बांदा में उनके साथ रह रहा था। परिवार के अनुसार, घर में उसे किसी तरह की परेशानी या दिक्कत होने की जानकारी नहीं थी। इसी वजह से उसके इस कदम के पीछे की वजह परिवार भी नहीं समझ पा रहा था। पीजीआई में उपचार के दौरान आशीष को वेंटिलेटर पर रखा गया था। रविवार सुबह करीब सात बजे उसकी स्थिति में सुधार होने पर डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर से बाहर निकाल दिया। अब उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है और चिकित्सकों की निगरानी में उपचार जारी है।
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