पूर्व महासचिव चम्पत राय की भूमिका पर उठे सवाल:अमिताभ ठाकुर ने DGP को भेजा पत्र; सूचना में देरी की जांच की मांग
श्रीराम जन्मभूमि धनराशि प्रकरण में आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुूर्व महासचिव चम्पत राय की भूमिका की गहन विवेचना की मांग की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के डीजीपी को पत्र भेजकर पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट के पृष्ठ संख्या 47 पर दर्ज तथ्यों और चम्पत राय के बयान के आधार पर कई सवाल उठाए हैं। अमिताभ ठाकुर ने पत्र में कहा है कि चार्जशीट में दर्ज चम्पत राय के बयान के अनुसार, उन्हें 4 जून 2026 की रात करीब 10 बजे व्हाट्सऐप पर कथित चोरी से संबंधित वीडियो और संदेश प्राप्त हुआ था। इसके बाद 5 जून को दोपहर करीब 12 बजे उन्हें एक अन्य वीडियो भी दिखाया गया। उनके मुताबिक, इस वीडियो में गणना कक्ष में धनराशि निकाले जाने की घटना दिखाई गई थी। वीडियो मिलने के बाद सूचना कब दी? अमिताभ ठाकुर ने पुलिस जांच में इसी बिंदु को महत्वपूर्ण बताते हुए पूछा है कि जब चम्पत राय को घटना से संबंधित वीडियो और संदेश 4 जून की रात ही मिल गए थे, तो उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारी या सक्षम अधिकारियों को इसकी सूचना कब और किस माध्यम से दी? उन्होंने इस सूचना और प्राथमिकी दर्ज होने के बीच के समय की भी जांच किए जाने की मांग की है। उन्होंने डीजीपी से यह भी कहा है कि जांच में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित स्तर पर क्या कदम उठाए गए और प्राथमिकी दर्ज करने में देरी के पीछे क्या कारण रहे। साक्ष्यों के आधार पर तय हो जिम्मेदारी अमिताभ ठाकुर ने पत्र में कहा है कि मामले की विवेचना केवल आरोपियों की भूमिका तक सीमित न रहे, बल्कि चार्जशीट में सामने आए प्रत्येक तथ्य और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच हो। उनका कहना है कि चम्पत राय को घटना से संबंधित वीडियो पहले ही प्राप्त होने के तथ्य की भी स्वतंत्र रूप से पड़ताल की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि पुलिस विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों, बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर चम्पत राय का विधिक उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाए। यदि जांच में कोई जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके अनुसार कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाए।
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