राधाकुंड, श्यामकुंड और अष्टसखी कुंड का बदलेगा स्वरूप:12.19 करोड़ रुपये से होंगे विकास कार्य, ब्रज तीर्थ विकास परिषद करेगी निगरानी
मथुरा में गिरिराज परिक्रमा मार्ग में अपनी अलग धार्मिक पहचान रखने वाले राधाकुंड, श्यामकुंड और अष्टसखी कुंड अब नए स्वरूप में नजर आएंगे। ब्रज आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और ब्रज की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत से जुड़े इन पवित्र कुंडों के कायाकल्प की प्रक्रिया विधि विधान से हुए भूमि पूजन के साथ शुरू हो गई। तीनों कुंडों के विकास पर टाटा फाउंडेशन के सहयोग से 12.19 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सर्वपक्षीय बैठक का हुआ आयोजन राधाकुंड स्थित मीरा मनोरंजन धर्मशाला में सर्वपक्षीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने कहा कि ये कुंड केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि ब्रज की प्राचीन धार्मिक परंपराओं, ऐतिहासिक विरासत और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के प्रतीक हैं। इनके संरक्षण और संवर्धन से ब्रज की आध्यात्मिक पहचान को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि हार्टफुलनेस के माध्यम से कुंडों में डी-वाटरिंग, डी-सिल्टिंग और सौंदर्यीकरण के कार्य कराए जाएंगे। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी विकसित की जाएं। उन्होंने स्थानीय समाज से इस कार्य में सहयोग करने और कुंडों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। राधाकुंड श्यामकुंड का है धार्मिक महत्व विधायक ठाकुर मेघश्याम सिंह ने कुंडों के विकास की पहल के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ब्रज तीर्थ विकास परिषद का आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु राधाकुंड और श्यामकुंड में स्नान करने के लिए दूर-दराज से आते हैं। इन कुंडों की परिक्रमा में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में इनके संरक्षण और बेहतर व्यवस्थाओं की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। बैठक के आयोजक श्री पाद रघुनाथ दास गोस्वामी गद्दी के पीठाधीश्वर महंत केशव दास महाराज ने तीनों कुंडों के धार्मिक महत्व और वर्तमान समय में उनकी उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए इनके संरक्षण को ब्रज की सांस्कृतिक धरोहर के लिए महत्वपूर्ण बताया। 2 साल से चल रही थी प्रक्रिया बैठक का संचालन करते हुए ईको-रेस्टोरेशन प्रभारी मुकेश शर्मा ने बताया उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद और टाटा फाउंडेशन के बीच पिछले दो वर्षों से ब्रज के कुंडों के विकास को लेकर वार्ता चल रही थी। इस दौरान तकनीकी स्तर पर भी कई दौर की चर्चा हुई। लंबी प्रक्रिया के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप गोवर्धन क्षेत्र के इन तीनों कुंडों के विकास के लिए 12.19 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। विकास कार्य हार्टफुलनेस के माध्यम से कराए जाएंगे, जबकि इनकी निगरानी उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद करेगी। इस पूरी प्रक्रिया में सभी संबंधित पक्षों के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण इस्कॉन से जुड़ी तथा बरसाना क्षेत्र में सात कुंडों पर कार्य कर रहीं हरनीत हरिहरन रहेंगी, ताकि विकास कार्य व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ सकें। भूमि पूजन के साथ शुरू हुआ कार्य बैठक के बाद तीनों कुंडों के विकास कार्यों का विधिवत शुभारंभ भूमि पूजन के साथ किया गया। पूजन में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, विधायक ठाकुर मेघश्याम सिंह, जिलाधिकारी सीपी सिंह, परिषद की सीईओ लक्ष्मी नागप्पन, एडीएम प्रशासन डॉ. अमरेश कुमार, चेयरमैन रामफल मुंशी,एसडीएम सलोनी गौतम और ईओ कल्पना वाजपेयी सहित हार्टफुलनेस का दो दर्जन सदस्यों वाला तकनीकी दल शमिल रहा। आचार्य ब्रज किशोर गोस्वामी ने वैदिक विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया। हार्टफुलनेस के नुक्कड़ नाटक ने दिया स्वच्छता का संदेश कुंडों के संरक्षण और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हार्टफुलनेस की ओर से स्वच्छता पर आधारित नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति भी दी गई। इसके माध्यम से लोगों को सार्वजनिक स्थलों और धार्मिक सरोवरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, कूड़ा न फैलाने तथा जलस्रोतों को स्वच्छ रखने का संदेश दिया गया। प्रस्तुति के जरिए यह समझाने का प्रयास किया गया कि पवित्र कुंडों की स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्थानीय समाज और प्रत्येक श्रद्धालु का भी कर्तव्य है।
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