रामपुर में राम महोत्सव आयोजित:विश्वामित्र आगमन, ताड़का वध तथा मारीच-सुवाहु वध के प्रसंगों का वर्णन
रामपुर में श्री सनातन रामलीला कमेटी के तत्वावधान में आयोजित श्री राम महोत्सव में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। सुबह से लेकर देर रात तक उत्सव स्थल भक्ति और आस्था के रंग में डूबा रहा। सुबह भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला और चैतन्य महाप्रभु की लीलाओं का मंचन हुआ, जबकि रात में विश्वामित्र आगमन, ताड़का वध तथा मारीच-सुवाहु वध के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। सुबह की बेला में कलाकारों ने श्रीकृष्ण की रासलीला के माध्यम से प्रेम, भक्ति और समर्पण का संदेश दिया। मंचन के दौरान ऐसा वातावरण बना, मानो पूरा परिसर ब्रजधाम में परिवर्तित हो गया हो। इसके बाद चैतन्य महाप्रभु की लीला और विश्वरूप गृह त्याग का मार्मिक प्रसंग प्रस्तुत किया गया। रात्रि में महर्षि विश्वामित्र के अयोध्या आगमन का मंचन हुआ। यज्ञ की रक्षा के लिए विश्वामित्र द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण को साथ ले जाने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। इसके बाद राक्षसी ताड़का के वध का प्रभावशाली मंचन हुआ। श्रीराम के धनुष की टंकार और ताड़का वध के दृश्य पर पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. अनिल कुमार, सीए केएम टंडन और मेंथा कारोबारी अमृत कपूर रहे। अतिथियों ने कहा कि रामलीला मनोरंजन के साथ संस्कृति, संस्कार और सनातन परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।
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