री नीट परीक्षा पर सुरक्षा का पहरा
री-नीट 2026 परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने देशभर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। 551 शहरों में आयोजित हो रही परीक्षा के लिए 51 हजार से अधिक जैमर्स, 88 हजार कर्मचारियों की तैनाती और कड़ी निगरानी की व्यवस्था की गई है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 21 जून 2026
आज आयोजित हो रही है री नीट परीक्षा
देशभर के लाखों अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण री-नीट 2026 परीक्षा आज आयोजित की जा रही है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा यह परीक्षा भारत के 551 शहरों में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर कराई जा रही है। परीक्षा को लेकर सुरक्षा और निगरानी के ऐसे इंतजाम किए गए हैं, जिन्हें अब तक की सबसे सख्त व्यवस्थाओं में से एक माना जा रहा है।
51 हजार से अधिक जैमर्स लगाए गए
परीक्षा के दौरान नकल और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से होने वाली किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए 51 हजार से अधिक जैमर्स लगाए गए हैं। इन उपकरणों की मदद से मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य वायरलेस संचार माध्यमों को निष्क्रिय रखा जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
88 हजार कर्मचारियों की तैनाती
परीक्षा संचालन को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए लगभग 88 हजार कर्मचारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें केंद्र अधीक्षक, कक्ष निरीक्षक, तकनीकी विशेषज्ञ, सुरक्षा कर्मी और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। सभी कर्मचारियों को परीक्षा से पहले विशेष प्रशिक्षण और दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
प्रवेश द्वार समय से पहले होंगे बंद
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने अभ्यर्थियों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि परीक्षा केंद्रों पर समय से पहले पहुंचना अनिवार्य होगा। परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले केंद्रों के प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। अभ्यर्थियों को यातायात और अन्य संभावित बाधाओं को ध्यान में रखते हुए पहले से केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है।
सीसीटीवी निगरानी में होगी पूरी परीक्षा
परीक्षा केंद्रों पर व्यापक स्तर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। प्रवेश द्वारों, परीक्षा कक्षों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की लगातार निगरानी की जाएगी। रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखा जाएगा ताकि किसी भी शिकायत या विवाद की स्थिति में जांच की जा सके।
उच्च स्तरीय निगरानी दल रहेंगे सक्रिय
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने विशेष पेशेवर निगरानी दलों को भी तैनात किया है। ये दल परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करेंगे। राज्य और जिला प्रशासन के साथ भी समन्वय स्थापित किया गया है ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य किया गया है। मोबाइल फोन, स्मार्ट घड़ी, ब्लूटूथ उपकरण, कैलकुलेटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं को परीक्षा केंद्र में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
पारदर्शिता और निष्पक्षता पर विशेष जोर
पिछले वर्षों में सामने आए विवादों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी इस बार परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने को लेकर विशेष रूप से सतर्क दिखाई दे रही है। एजेंसी का कहना है कि सभी सुरक्षा उपायों का उद्देश्य प्रत्येक अभ्यर्थी को समान और निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना है। देशभर के लाखों छात्र अब इस परीक्षा के माध्यम से अपने चिकित्सा शिक्षा के सपने को साकार करने की उम्मीद लगाए हुए हैं।