सैम ऑल्टमैन की वर्ल्डकॉइन 12 जून से UK में शुरू करेगी आइरिस-स्कैनिंग Orb सेवा

सैम ऑल्टमैन की वर्ल्डकॉइन 12 जून से UK में आइरिस-स्कैनिंग Orb सेवा शुरू करने जा रही है, जो डिजिटल पहचान की क्रांति ला सकती है। जानिए पूरी खबर, उपयोगकर्ताओं को कैसे मिलेगा लाभ और क्या हैं डेटा प्राइवेसी से जुड़े सवाल।

सैम ऑल्टमैन की वर्ल्डकॉइन 12 जून से UK में शुरू करेगी आइरिस-स्कैनिंग Orb सेवा

लंदन, 9 जून 2025

चैटजीपीटी और ओपनएआई के सह-संस्थापक सैम ऑल्टमैन की महत्वाकांक्षी क्रिप्टो परियोजना वर्ल्डकॉइन (Worldcoin) 12 जून से यूनाइटेड किंगडम (UK) में अपनी अत्याधुनिक आइरिस स्कैनिंग 'Orb' सेवा शुरू करने जा रही है। इस सेवा का उद्देश्य एक वैश्विक डिजिटल पहचान प्रणाली तैयार करना है, जिसमें व्यक्ति की पहचान उसकी आँख की पुतली (iris) से की जाएगी।

क्या है वर्ल्डकॉइन का Orb डिवाइस?

'Orb' एक गोलाकार बायोमेट्रिक डिवाइस है, जो उपयोगकर्ताओं की आँख की पुतली को स्कैन कर उनकी डिजिटल आईडी (World ID) बनाता है। यह पहचान किसी भी नागरिकता या दस्तावेज के बिना डिजिटल दुनिया में उनकी यूनिक उपस्थिति को सत्यापित करती है।

क्यों जरूरी है यह सेवा?

Worldcoin का मानना है कि जैसे-जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का विकास हो रहा है, वैसे-वैसे यह जरूरी हो गया है कि यह पहचाना जाए कि ऑनलाइन मौजूद व्यक्ति मानव है या मशीन। Orb सेवा इसी समस्या का समाधान करने की कोशिश करती है।

क्या मिलेगा उपयोगकर्ताओं को?

UK में इस सेवा के लॉन्च के साथ ही जो लोग अपनी आँख स्कैन करवाकर World ID बनवाते हैं, उन्हें Worldcoin के डिजिटल टोकन (WLD) भी दिए जाएंगे। इससे उन्हें क्रिप्टो इकोनॉमी का हिस्सा बनने का मौका मिलेगा।

गोपनीयता और सुरक्षा पर उठ रहे सवाल

हालांकि यह सेवा तकनीकी दृष्टि से क्रांतिकारी मानी जा रही है, लेकिन इससे जुड़ी प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा को लेकर कई विशेषज्ञों ने चिंता भी जताई है। वर्ल्डकॉइन का दावा है कि यह सेवा उपयोगकर्ता की अनुमति के बिना कोई डेटा स्टोर नहीं करती और सभी बायोमेट्रिक डेटा एन्क्रिप्टेड फॉर्म में रखा जाता है।