WWDC 2025: एप्पल के सामने एआई और नियामक चुनौतियां, डेवलपर्स को लुभाने की कोशिशें तेज

WWDC 2025 में Apple ने नए AI फीचर्स के साथ डेवलपर्स को लुभाने की कोशिश की, लेकिन उसे AI प्रतिस्पर्धा और वैश्विक नियामकीय चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। जानिए पूरी खबर।

WWDC 2025: एप्पल के सामने एआई और नियामक चुनौतियां, डेवलपर्स को लुभाने की कोशिशें तेज

क्यूपरटिनो, कैलिफ़ोर्निया। एप्पल का वार्षिक डेवलपर सम्मेलन WWDC 2025 (Worldwide Developers Conference) इस साल खासतौर पर चर्चा में है, क्योंकि तकनीकी दिग्गज एप्पल को अब दोहरी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है—एक तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की होड़, दूसरी ओर वैश्विक स्तर पर बढ़ती नियामक (Regulatory) सख्तियों का दबाव।

नए एआई फीचर्स का प्रदर्शन

इस वर्ष के WWDC में एप्पल ने iOS, macOS और watchOS के अपडेट्स के साथ AI-संचालित फीचर्स पर विशेष ज़ोर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, Siri को अब और अधिक बुद्धिमान और संवादात्मक बनाया गया है, वहीं फोटो, ईमेल और नोट्स ऐप में भी AI-सहायता शामिल की गई है। इससे यह स्पष्ट है कि एप्पल अब माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसे प्रतिद्वंद्वियों को टक्कर देने की तैयारी में है, जिन्होंने पहले ही AI क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ाए हैं।

नियामकीय चुनौतियों से घिरा एप्पल

जहां एक ओर एप्पल तकनीकी नवाचारों को पेश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर उसे अमेरिका, यूरोप और भारत सहित कई देशों में प्रतिस्पर्धा-रोधी (antitrust) जांच और डिजिटल मार्केट रेगुलेशन जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यूरोपीय संघ के "डिजिटल मार्केट्स एक्ट" के अंतर्गत एप्पल को अपने ऐप स्टोर और भुगतान प्रणाली में बदलाव लाने पड़ सकते हैं।

डेवलपर्स को जोड़ने की कोशिश

इन चुनौतियों के बीच, एप्पल ने WWDC के मंच को डेवलपर्स के साथ रिश्ते मज़बूत करने का अवसर बनाया है। कंपनी का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक सॉफ्टवेयर डेवलपर्स iOS और macOS प्लेटफ़ॉर्म पर ऐप्स विकसित करें और उसके इकोसिस्टम को और समृद्ध बनाएं। इसके लिए एप्पल ने नए डेवलपर टूल्स, SwiftUI अपडेट्स, और मशीन लर्निंग किट्स की घोषणा की है।

विशेषज्ञों की राय

तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि एप्पल को अब केवल हार्डवेयर कंपनी नहीं, बल्कि AI-संचालित भविष्य की ओर बढ़ती सॉफ़्टवेयर-आधारित कंपनी के रूप में खुद को पुनर्परिभाषित करना होगा। यदि कंपनी डेवलपर्स को आकर्षित करने में सफल होती है और नियामकीय बाधाओं का समाधान ढूंढ़ पाती है, तो यह AI-युग में एक नई शुरुआत साबित हो सकती है।