शाहजहांपुर में फिर बाढ़ का खतरा मंडराया:दियूनी बैराज से 43 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा, 36 घंटे में गर्रा का स्तर 4 फीट बढ़ने की संभावना
शाहजहांपुर में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। दियूनी बैराज से रविवार को दो बार गर्रा नदी में करीब 43 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे अगले 24 से 36 घंटे में गर्रा नदी का जलस्तर तीन से चार फीट तक बढ़ने की आशंका है। खन्नौत नदी का पानी भी अगले दो से तीन दिन में दो से तीन फीट बढ़ सकता है। दोनों नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने रविवार को गर्रा और खन्नौत नदी के आसपास के इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया है। रविवार सुबह 8 बजे दियूनी बैराज से गर्रा नदी में 22,946 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद रात 8 बजे 18,617 क्यूसेक पानी और पास किया गया। इस तरह रविवार को कुल 41,563 क्यूसेक पानी गर्रा नदी में छोड़ा गया। इससे पहले शनिवार को भी बैराज से करीब 44 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। लगातार पानी छोड़े जाने के कारण नदी के जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। फिलहाल गर्रा और खन्नौत दोनों नदियों का पानी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन आने वाले घंटों में जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई गई है। 36 घंटे में गर्रा का पानी 4 फीट तक बढ़ सकता है प्रशासन के अनुसार दियूनी बैराज से छोड़े गए पानी का असर अगले 24 से 36 घंटे में गर्रा नदी के जलस्तर पर दिखाई दे सकता है। इस दौरान नदी का पानी करीब तीन से चार फीट तक बढ़ने की संभावना है। वहीं खन्नौत नदी के जलस्तर में अगले दो से तीन दिनों तक दो से तीन फीट की बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी के आसपास जाने और जोखिम वाले स्थानों पर रहने से बचने की अपील की है।
डीएम ने ककरा पुल और अजीजगंज का जायजा लिया डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने नगर आयुक्त और अन्य अधिकारियों के साथ खन्नौत नदी, ककरा पुल और अजीजगंज क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से जलस्तर और निचले इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। डीएम ने संबंधित विभागों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा। अधिकारियों को राहत और बचाव से जुड़ी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। सितंबर की तीसरी सबसे भारी बारिश, आश्रय स्थल तैयार डीएम ने बताया कि पिछले दो दिनों में शाहजहांपुर में हुई बारिश सितंबर महीने की तीसरी सबसे भारी बारिश है। लगातार बारिश और बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। प्रशासन ने बाढ़ आश्रय स्थल भी तैयार किए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोग स्थिति बिगड़ने पर इन आश्रय स्थलों का सहारा ले सकते हैं। अधिकारियों को लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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