सहारनपुर में सीता जन्म और ताड़का वध लीला का मंचन:प्रभु राम बने कुशाग्र नैब के अभिनय पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं

Oct 07, 2026 - 22:41
0
सहारनपुर में सीता जन्म और ताड़का वध लीला का मंचन:प्रभु राम बने कुशाग्र नैब के अभिनय पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं
सहारनपुर में नुमाइश कैंप के गोपाल नगर स्थित प्राथमिक पाठशाला के प्रांगण में सुपर क्लब के तत्वावधान में बुधवार शाम आठ बजे ‘सीता जन्म एवं ताड़का वध’ लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। प्रख्यात निर्देशक संजय सौदाई के निर्देशन में कलाकारों ने रामायण के प्रसंगों को जीवंत करते हुए दर्शकों को भक्तिमय वातावरण से जोड़ दिया। लीला के दौरान दर्शकों ने कलाकारों के अभिनय पर जमकर तालियां बजाईं। मंचन की शुरुआत राजा जनक के राज्य में पड़े सूखे के प्रसंग से हुई। राज्य में वर्षा नहीं होने पर राजा जनक द्वारा खेत में हल चलाने और इसी दौरान धरती से माता सीता के प्रकट होने का दृश्य बेहद रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया। सीता जन्म के प्रसंग ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके बाद साधु-संतों की तपस्या में राक्षसों द्वारा उत्पात मचाने का प्रसंग मंचित किया गया। सुबाहु और मारीच द्वारा ऋषि-मुनियों की पूजा और तपस्या में बाधा डालने से परेशान संत राजा दशरथ के पास पहुंचे। उन्होंने भगवान राम और लक्ष्मण को अपने साथ ले जाकर राक्षसों से मुक्ति दिलाने का आग्रह किया। इसके बाद राम-लक्ष्मण द्वारा राक्षसों का सामना करने और ताड़का वध का प्रभावशाली मंचन किया गया। प्रभु राम के रूप में कुशाग्र नैब ने अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। लक्ष्मण की भूमिका में अक्षय सूरी और राजा दशरथ के रूप में अमन कालडा ने प्रभाव छोड़ा। ताड़का की भूमिका अनुराग बजाज (बादशाह), मारीच की रिंकू ईश पुंजाना और सुबाहु की भूमिका प्रिंस कालडा ने निभाई। विश्वामित्र के रूप में रजत कल्याण और राजा जनक के रूप में मनोज गगनेजा ने भी अपने अनुभवी अभिनय से लीला को गति दी। कलाकारों के संवाद, अभिनय और मंच सज्जा ने पूरे प्रसंग को प्रभावशाली बना दिया। लीला के आयोजन में सुपर क्लब अध्यक्ष राकेश सूरी, गगन नागपाल, पंकज गुम्बर, उपाध्यक्ष पंकज मिद्धा, अमन कालडा, अनुभव कत्याल और अजय ने सहयोग किया। परिधान व्यवस्था विक्की आहूजा और मनोज गगनेजा ने संभाली, जबकि रूप सज्जा की जिम्मेदारी विजय और संदीप ने निभाई। अरुण म्यूजिकल ग्रुप के सोम प्रकाश, विनोद और अरुण मचल ने कर्णप्रिय संगीत दिया। लीला का संचालन अनिल रसवंत ने किया।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User