शिक्षक-कर्मचारियों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया:निर्दल प्रत्याशी अजय सिंह बोले- सत्ता में आकर मुद्दे भूल जाते हैं दल
अम्बेडकरनगर में निर्दल शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी अजय सिंह ने सोमवार को शिक्षक और कर्मचारियों के हितों की अनदेखी को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल सत्ता में आने के बाद शिक्षक-कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को भूल जाते हैं। शिक्षक एमएलसी का चुनाव महज राजनीतिक लड़ाई नहीं, बल्कि शिक्षकों और कर्मचारियों की आवाज सदन तक पहुंचाने का माध्यम है। जिले के एक महाविद्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अजय सिंह ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन को लेकर राजनीतिक दलों के बयानों और उनके वास्तविक रुख में अंतर दिखाई देता है। शिक्षक और कर्मचारी लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। रिक्त पदों से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने का दावा अजय सिंह ने प्रदेश में 50 प्रतिशत से अधिक शिक्षक पद खाली होने का दावा करते हुए कहा कि रिक्तियों का सीधा असर शिक्षण व्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने वित्तविहीन शिक्षकों को उचित मानदेय देने की मांग उठाई। साथ ही आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं और उनकी सेवा संबंधी असुरक्षाओं पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि शिक्षक और कर्मचारी शिक्षा व्यवस्था तथा अन्य सार्वजनिक सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन उनके भविष्य, आर्थिक सुरक्षा और सेवा संबंधी मुद्दों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पुरानी पेंशन की बहाली, रिक्त पदों को भरने और उचित मानदेय जैसे मुद्दों पर ठोस पहल की जरूरत है। अधिकारों के लिए एकजुट होने की अपील अजय सिंह ने कहाकि शिक्षक-कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान केवल आश्वासनों से नहीं होगा। इसके लिए उनकी मांगों को सदन में प्रभावी ढंग से उठाना और सरकार से जवाबदेही तय करना जरूरी है। उन्होंने शिक्षक और कर्मचारी वर्ग से अपने अधिकारों, सम्मान और भविष्य की सुरक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की।
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