शिक्षकों को समर्पित दिखा भाजपा का मंच 5:5 दर्जन विधायक नीचे बैठे रहे; CM बोले-शिक्षक नेता के पीछे भाजपा आयी

Oct 13, 2026 - 05:34
0
शिक्षकों को समर्पित दिखा भाजपा का मंच 5:5 दर्जन विधायक नीचे बैठे रहे; CM बोले-शिक्षक नेता के पीछे भाजपा आयी
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को हर हाल में जिताने के लिए भाजपा ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं 17 जिलों से आए शिक्षकों के सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचे। इस मंच पर 'शिक्षक बनाम दलीय राजनीति' के मुद्दे से निपटने की तैयारी भी नजर आयी। पूरा मंच शिक्षकों और उनके संगठन उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) को समर्पित नजर आया। इस संगठन के विभिन्न जिलों के बड़े पदाधिकारी मंच पर बैठे थे जबकि 5 दर्जन विधायकों की कुर्सी नीचे लगी थी। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह समझाने की कोशिश की कि शिक्षक नेता किसी दल के पीछे नहीं गया बल्कि भाजपा उनके पीछे आयी है। भाजपा से प्रत्याशी बनाए गए ध्रुव कुमार त्रिपाठी लगातार तीन बार इस सीट से शर्मा गुट के समर्थन से एमएलसी चुने जा रहे हैं। लेकिन इस बार उन्हें भाजपा ने अपना टिकट दे दिया। पार्टी सूत्रों की मानें तो ध्रुव कुमार त्रिपाठी लंबे समय से इस प्रयास में थे और उन्होंने पूरा जोर लगाकर टिकट हासिल कर लिया। लेकिन अब आम शिक्षक किसी दल में जाने को लेकर सवाल पूछ रहा है। उनके पुराने संगठन में भी इस तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी का जवाब देने की कोशिश भाजपा के शिक्षक सम्मेलन में नजर आयी। जानिए मुख्यमंत्री ने क्या कहा मुख्यमंत्री यागी आदित्यनाथ ने ध्रुव कुमार त्रिपाठी के टिकट पाने की पूरी कहानी सुनाई। सांसद रविकिशन शुक्ला ने भी काफी देर तक ध्रुव त्रिपाठी के सदन में सक्रियता का बखान करते रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चुनाव में भी भाजपा ने ध्रुव त्रिपाठी को टिकट की पेशकश की थी लेकिन उन्होंने मना कर दिया। सीएम ने कहा कि ध्रुव त्रिपाठी शिक्ष्कों के हित की बात सदा करते रहते हैं इसलिए भाजपा उनके विरोध में नहीं जा सकती थी। उस चुनाव में पार्टी ने उनको सपोर्ट किया था। इस बार के टिकट की कहानी बताते हुए सीएम ने कहा कि ध्रुव त्रिपाठी ने इस बार भी टिकट नहीं मांगा। भाजपा ने उनसे पूछा कि पार्टी के प्रत्याशी बनेंगे। उनके सामने दोनों शर्तें रखी गईं कि यदि वे टिकट नहीं लेंगे तो पार्टी उनका समर्थन करेगी। लेकिन अपने संगठन के नेताओं से बातचीत के बाद उन्होंने टिकट पर आपत्ति नहीं जताई। आखिर क्यों इतनी सफाई दी गई भाजपा के मंच से यह साबित किया गया कि शिक्षकों के हित ही ध्रुव त्रिपाठी के जीवन का लक्ष्य है। इतनी सफाई देने के पीछे दलीय राजनीति को लेकर शिक्षकों में बढ़ती नाराजगी कारण है। यहां तक कि शर्मा गुट से जुड़े शिक्षक भी इसकी आलोचना कर रहे हैं। भाजपा के मंच से ध्रुव के बारे में जो बताया गया, उसका उद्देश्य यही था कि ध्रुव त्रिपाठी पहले शिक्षकों के लिए हैं, बाद में किसी दल के लिए। यही दर्शाने का प्रयास हुआ कि ध्रुव का चयन ही इसीलिए किया गया है। ओमप्रकाश शर्मा व पंचानन राय को याद किया गया मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शर्मा गुट के संस्थापक स्व. ओम प्रकाश शर्मा एवं स्व. पंचानन राय का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पंचायनन राय का तो महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद से पुराना संबंध है। उन्होंने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि जब स्व. पंचानन राय चुनाव लड़ने आते थे तो उनका कार्यालय महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्था में खुल जाता था, खुद से। उन्होंने शर्मा गुट से पुराने जुड़ाव की कहानी भी बताई। इन उदाहरणों से शिक्षकों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि भले ही ध्रुव त्रिपाठी भाजपा में हैं लेकिन वह हमेशा शिक्षक हितों की बात करते रहेंगे। शिक्षकों को तवज्जो देने के लिए ही मंच पर शर्मा गुट के विभिन्न जिलों के प्रभावशाली नेताओं को जगह दी गई थी। भाजपा एमएलसी कार्यक्रम से बाहर गए मंच पर शिक्षक नेताओं की मौजूदगी के कारण ही किसी विधायक को वहां जगह नहीं मिली थी। सूत्रों की मानें तो इसी कारण एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह व क्षेत्रीय अध्यक्ष से कहासुनी भी हुई थी, जिसके बाद एमएलसी मौके से चले गए थे। यह बात पूरे दिन चर्चा में रही।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User