स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:आध्यात्मिक जीवन में सिद्धि तभी मिलती है, जब हम श्रद्धापूर्वक श्रम को अपनाते हैं
सभी सफलताओं का मूल पुरुषार्थ है। पुरुषार्थ यानी अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए किया गया सार्थक प्रयास। आध्यात्मिक उन्नति भी तभी संभव है, जब हम श्रद्धापूर्वक श्रम और संघर्ष को अपनाते हैं। ईश्वर की कृपा भी इसी मार्ग से प्राप्त होती है। कर्म करने व्यक्ति ही आगे बढ़ता है, जीवन में उसी को सिद्धि प्राप्त होती है। जो साधक पुरुषार्थी हैं, वे कठिनाइयों में भी डगमगाते नहीं हैं, बल्कि आत्म विकास के अवसर खोज लेते हैं। धैर्य पूर्वक अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना ही सच्चे कर्मयोगी का लक्षण है। आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए जीवन में सफलताएं कैसे मिलती हैं? आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर दिए गए फोटो पर क्लिक करें।
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