ठेकेदार गोविंद शर्मा की फर्म को ब्लैकलिस्ट करने पर रोक:हाईकोर्ट ने नगर निगम के चीफ इंजीनियर से मांगा स्पष्टीकरण, कार्रवाई को बताया अवैध

Oct 15, 2026 - 20:50
0
ठेकेदार गोविंद शर्मा की फर्म को ब्लैकलिस्ट करने पर रोक:हाईकोर्ट ने नगर निगम के चीफ इंजीनियर से मांगा स्पष्टीकरण, कार्रवाई को बताया अवैध
कानपुर में ठेकेदार गोविंद शर्मा की फर्म को ब्लैकलिस्ट करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नगर निगम की कार्रवाई पर सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया कंपनी को स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई को अवैध बताते हुए आदेश के प्रभाव और क्रियान्वयन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इसके साथ ही नगर निगम के चीफ इंजीनियर को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि कंपनी को नोटिस किन परिस्थितियों में जारी किया गया था। 19 नवंबर को होगी अगली सुनवाई न्यायमूर्ति अजीत कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने मेसर्स कैला देवी कंस्ट्रक्शन बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और दो अन्य मामले में 12 अक्टूबर 2026 को यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता कंपनी की ओर से अधिवक्ता आशीष कुमार चौरसिया ने कोर्ट में दलील दी कि कानपुर नगर निगम के चीफ इंजीनियर ने बिना उचित कारण बताए और सुनवाई का पर्याप्त अवसर दिए बिना ही कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया। वहीं, नगर निगम की ओर से अधिवक्ता अभिनव कृष्ण श्रीवास्तव ने बताया कि चीफ इंजीनियर ने 23 अगस्त 2026 को कंपनी को नोटिस जारी किया था। अब मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी। 24 घंटे में जवाब मांगने का दावा कोर्ट ने प्रस्तुत नोटिस का परीक्षण किया तो सामने आया कि 23 अगस्त को निरीक्षण के बाद कंपनी से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया था। हालांकि, अदालत के सामने नोटिस पर उसकी तामील का कोई प्रमाण नहीं मिला था। ऐसा कोई दस्तावेज भी पेश नहीं किया गया, जिससे साबित हो कि नोटिस कंपनी को व्यक्तिगत रूप से दिया गया था। इस पर कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि कंपनी को अपना पक्ष रखने और बचाव करने का उचित अवसर नहीं मिला। पीठ ने स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई को प्रथम दृष्टया अवैध बताया। हलफनामा नहीं दिया तो कोर्ट में होना पड़ेगा पेश हाईकोर्ट ने चीफ इंजीनियर को अगली सुनवाई तक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर नोटिस जारी करने की परिस्थितियां स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। ऐसा नहीं करने पर उन्हें अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना पड़ेगा। फिलहाल 24 अगस्त 2026 के आदेश के प्रभाव और क्रियान्वयन पर रोक अगले आदेश तक जारी रहेगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User