वैष्णो धर्मशाला में भागवत कथा:भजनों पर भाव-विभोर हुए श्रद्धालु; ईश्वर की शरण में जाने का संदेश दिया
नहटौर के वैष्णो धर्मशाला में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मुख्य व्यासपीठ पर विराजमान राजस्थान (कोटा) से पधारे सुप्रसिद्ध कथा व्यास सुदामा दास जी महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण के आध्यात्मिक और दार्शनिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कथा व्यास ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भागवत कथा केवल सुनने का विषय नहीं है, बल्कि इसे जीवन में उतारने से ही मनुष्य का वास्तविक कल्याण संभव है। उन्होंने बताया कि जब व्यक्ति सांसारिक मोह-माया से मुक्त होकर पूरी तरह ईश्वर की शरण में जाता है, तभी उसे सच्ची शांति की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही उन्होंने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के समन्वय पर बल देते हुए भगवान की विभिन्न दिव्य लीलाओं का मार्मिक वर्णन किया। कथा के बीच व्यास जी द्वारा प्रस्तुत भजनों पर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे और पूरा पंडाल 'जय श्री कृष्ण' व 'राधे-राधे' के जयकारों से गुंजायमान हो गया। अंत में मुख्य यजमान और आयोजन समिति द्वारा विधि-विधान से भागवत आरती संपन्न कराकर सभी भक्तों में चरणामृत एवं प्रसाद वितरित किया गया।
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