वाराणसी पटाखा हादसा- लोग बोले तीन बड़े धमाके हुए:लोगों की निगाह से बचने के लिए राजू बेचता था कपड़े, घर में बनाता था पटाखा

Oct 16, 2026 - 07:22
0
वाराणसी पटाखा हादसा- लोग बोले तीन बड़े धमाके हुए:लोगों की निगाह से बचने के लिए राजू बेचता था कपड़े, घर में बनाता था पटाखा
'हम अपनी छोटी बहन को गोद में लेकर बाहर गली में घुमा रहे थे। अचानक शाम 5 बजे एक नार्मल बम जैसी आवाज हुई। लेकिन हम कुछ समझ पाते हमारे बगल की आंटी ने हमें अंदर खींच लिया। उसके बाद तीन धमाके हुए बड़े और पूरी बिल्डिंग नीचे आकर गिर गयी। पूरी गली में धूल ही धूल थी। मेरी मम्मी दौड़कर आयी तो उसके भी कई जगह खून निकल रहा था लेकिन ये हल्का था। उन्हें हाथ में चोट लगी है।' पूरे मकान की हमारे खिड़कियां टूट गयी है। मकान में दरारें पड़ गयी हैं।' ये कहना है पटाखा बनाने वाले राजू खान के ठीक सामने रहने वाले अजय कुमार केसरी की बेटी परी केसरी ने बताया; उन्होंने कहा आस-पास के कई लोगों को चोट आयी है। सुना है मकान मालिक राजू खान की पत्नी की सिर में चोट है। बाकी जानकारी नहीं है। वाराणसी के पैगंबरपुर में शाम लगभग 5 बजे अचानक राजू खान के मकान में भयानक धमाका हुआ और उनका तीन मंजिला मकान नीचे आ गया। इसके बाद अफरा तफरी मच गयी। लोगों ने इसकी तुलना भूकंप से कर दी। तो किसी ने कहा तबाही का मंजर लाइव देखा है। सभी लोग डरे सहमें हैं। ऐसे में दैनिक भास्कर ने उन लोगों से बातचीत की जिनका मकान इस ब्लास्ट के बाद क्षतिग्रस्त हुआ है। पढ़िए रिपोर्ट... सबसे पहले देखिये घटना की तीन तस्वीरें अब जानिए लोगों ने क्या बताया … ऐसा लगा इन्वर्टर ब्लास्ट किया, पर … राजू खान के ठीक सामने स्थित मकान में रहने प्रयंक प्रजापति ने बताया - अचानक शाम में घर में मॉक टेस्ट कर रहा था। अचानक जैसे ही एक पटाखे बजने की आवाज आई। तो बहुत ज्यादा धुआं आया। मैं पीछे मुड़ के देखा तो बहुत ज्यादा धुआं आया, तो मुझको लगा कि यहां पर मेरा इनवर्टर रखा है, वो ब्लास्ट हो गया। फिर उसके बाद मैं देखा कि फिर वहां पर हरी बत्ती जल रही है, मतलब वो ठीक है। फिर मैं जब अंदर आया तो मुझको लगा कि इतना किचन की हालत खराब है, कहीं टंकी तो ब्लास्ट नहीं हुआ? फिर मैंने देखा टंकी सही है, मैंने उसका नॉब बंद किया और जैसे ही यहां पर झांक के देखता हूं तो पूरा घर टूटा हुआ था और सब तरफ धुंआ-धुंआ था। मेरा किचन धराशायी हो गया प्रयंक ने बताया - मेरा किचन टूट गया उसकी दीवारें क्रेक हो गयी और कुछ दीवारें टूट कर गिर गयीं। मोहल्ले में चीख पुकार मच गयी। दस मिनट बाद धूल और धुंए का गुबार छटा। बगल की आंटी हैं वो काफी तेज-तेज चिल्ला रही थीं। उनकी हर खिड़की का शीशा टूट गया और वो भी चोटिल हुई हैं। कपड़े के कारोबार के आड़ में जारी था खेल प्रयंक ने बड़ा खुलासा किया और बताया - कोरोना काल में यह जेल गया था। इसी पटाखा बनाने में और वापस आया तो फिर कपड़े का कारोबार करने लगा। लेकिन वह कारोबार सिर्फ दिखाने के लिए था। अंदर रोजाना पटाखा बनाया जाता था। वह 6 महीने जेल रहा पर सुधरा नहीं और उसका पूरा घर मिलकर यह काम करता था। इनका बाप भी पटाखे में ही मरा था स्थानीय निवासी दिलीप ने बताया - हम दाना बेचने का काम करते हैं और राजू के घर चार मकान बाद हमारा घर है। हम सवा चार बजे यहां से अपना ठेला लेकर निकले थे। हम सड़क पर ही थे की पता चला हादसा हो गया है। हम लोग वापस आये तो देखा की मकान गिरा है। पुलिस मौके पर आ गयी है। यह मकान मुन्नी पटाखा वाली का है और सब जनता था की यहां पटाखा बनाया जाता है। मुन्नी का पति और दामाद इसी पटाखे के धमाके में वर्षों पहले मर चुके हैं। राजू खान के घर में यह तीसरी घटना स्थानीय निवासी चन्द्रकला ने बताया - अचानक शाम में यह हादसा हुआ। उस समय कई बच्चे घरों के बाहर थे। लेकिन सभी बच्चे सुरक्षित हैं। राजू खान के घर में पटाखा बनता था। इनका के बिस्से में मकान था जिसमें आधे में वो और आधे में उसका भाई रहता था। बम का धमाका हुआ तो जैसे धरती हिल गयी। हमारे मकान में काफी नुकसान हुआ है। बारामदे पर खड़ी थी जब हुआ धमाका स्थानीय सोनी केशरी ने बताया - घर में कोई नहीं था। सब नीचे थे। मै मंदिर के कमरे के सामने बारामदे पर खड़ी थी। अचानक से धमाका हुआ। मेरा कान सुन्न हो गया। मै रोने -चिल्लाने लगी। इसके बाद मै पीछे नहीं मुड़ी और वहां से भागी चिल्लाते हुए। पूरे घर और मोहल्ले में अफरा-तफरी का माहौल था। लोग चिल्ला रहे थे। मेरे हाथ के अलावा चोट आयी है। पूरा घर तहस-नहस हो गया है मेरा। आंख में चोट लगी कान सुन्न हो गए आशा प्रजापति ने बताया - मेरा घर राजू खान के मकान से सटा हुआ है। हम शाम में वही गली में बाहर निकले थे। अचानक तेज धमाका हुआ और हम धूल में सन गए। मेरी आंख में चोट लग गयी। ऐसा लगा जैसे भूकंप आया हो। उसके बाद चारों तरफ हंगामा था। आशा ने बताया राजू की मां मुन्नी सबसे अक्सर लड़ती थी और मुझसे भी लड़ाई हुई थी की तुम लोग पुलिस बुलाती हो। लेकिन आअज खुद भगवान् ने न्याय कर दिया। अब जानिए पूरा घटनाक्रम वाराणसी में गुरुवार शाम पटाखों में विस्फोट से दो मंजिला मकान का आधा हिस्सा ढह गया। धमाका इतना तेज था कि पड़ोस का मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया। हादसा शाम करीब 5 बजे घनी आबादी वाले पैगंबरपुर इलाके में हुआ। मकान में बिना लाइसेंस के पटाखे बनाने और स्टोर करने का काम चल रहा था। सूचना पर पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। इससे पहले ही पड़ोसियों ने मकान से तीन लोगों को निकालकर अस्पताल पहुंचा दिया था। पड़ोसी की एक महिला भी घायल हुई है। कुल 4 लोग घायल हैं। मकान मालिक राजू खान और उसकी 65 वर्षीय मां मुन्नी मौके पर नहीं मिले। दोनों पुलिस के आने से पहले फरार हो गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाका इतना तेज था कि उन्हें भूकंप जैसा महसूस हुआ। पड़ोसियों का दावा है कि उन्होंने पहले भी अवैध पटाखा फैक्ट्री की शिकायत पुलिस से की थी। सारनाथ के पंचकोशी स्थित पैगंबरपुर में राजू खान का 450 वर्ग फीट में बना दो मंजिला मकान है। बताया जा रहा है कि राजू यहां अवैध रूप से पटाखे बनाता था और उन्हें स्टोर भी करता था। जानिए कब क्या हुआ गुरुवार शाम करीब 5 बजे पटाखों में विस्फोट हो गया। धमाके से मकान का अगला आधा हिस्सा ढह गया। उस वक्त परिवार के सभी लोग मकान के पिछले हिस्से में थे। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने राजू खान की पत्नी चांदनी (39), बेटे आदिल (16) और बेटी अरबिया (10) को मकान से बाहर निकाला। सीएमओ डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि घायलों को कबीरचौरा, मंडलीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। राजू की पत्नी चांदनी 90 प्रतिशत तक झुलसी है। ICU में भर्ती किया गया है। चांदनी के बेटे आदिल खान को भी चोटें आई हैं। उनकी नाक से खून निकला है। उसको भी ICU में भर्ती किया गया है। छोटी बेटी अरबिया की हालत स्थिर है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User