विंग्स ओवर गंगा होगी एयर-शो की थीम,लोगो जारी:आसमान में दिखेगा वायुसेना का शौर्य; क्रूज पर उतरेंगे कमांडो
काशी में गंगा के ऊपर लड़ाकू विमानों की गर्जना, हेलीकॉप्टरों के हैरतअंगेज करतब और आसमान में सटीक एरोबैटिक फॉर्मेशन देखने के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। भारतीय वायुसेना के प्रस्तावित एयर शो की अंतिम रूपरेखा तय हो चुकी है। आयोजन को लेकर 21 अक्टूबर को वायुसेना की ओर से विस्तृत जानकारी साझा किए जाने की तैयारी है। 22, 24 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान गंगा के ऊपर वायुसेना की ताकत और आधुनिक विमानन क्षमता का प्रदर्शन किया जाएगा। आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए जल, थल और नभ तीनों स्तरों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। नमो घाट को सजाया संवारा जा रहा, जहां वायु सेना का प्रमुख आयोजन होना है। 2 क्रूज गंगा के धारा में दिखेगी एयर शो की तैयारियों के बीच गंगा में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पर्यटन विभाग के दो बड़े जलयानों मानेकशॉ क्रूज और विवेकानंद जलयान को अंतिम रूप से चुना गया है। दोनों जलयान आयोजन के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इन पर कमांडो के उतरने का प्रदर्शन कराने की योजना है। साथ ही, इन्हें गंगा में निगरानी केंद्र के रूप में भी इस्तेमाल किए जाने की उम्मीद है। इन जलयानों पर वायुसेना के अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी के साथ गंगा में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। राफेल और सुखोई समेत कई विमानों के प्रदर्शन की तैयारी एयर शो की प्रस्तावित रूपरेखा में भारतीय वायुसेना के कई प्रमुख विमान और प्रदर्शन टीमें शामिल हैं। इनमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस और हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर एलसीएच प्रचंड जैसे विमान शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा सूर्य किरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम भी अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगी। सूर्य किरण टीम के विमानों की एक साथ सटीक उड़ान और हवा में अलग-अलग फॉर्मेशन दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। वहीं, सारंग टीम के हेलीकॉप्टरों के करतब भी खास होंगे। इन प्रदर्शनों में पायलटों की दक्षता, अनुशासन और आपसी तालमेल की झलक देखने को मिलेगी। इन विमानों के शामिल होने की संभावना प्रस्तावित कार्यक्रम में आईएल-76, आईएल-78, सी-295 और एएन-32 जैसे परिवहन विमानों के साथ भारतीय वायुसेना के अन्य विमान भी शामिल हो सकते हैं। भारतीय नौसेना और थलसेना के विमानों की भागीदारी भी संयुक्त सैन्य क्षमता और समन्वय को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से प्रस्तावित है। विमानों की अंतिम सूची और उनके प्रदर्शन का समय आधिकारिक कार्यक्रम जारी होने के बाद स्पष्ट होगा।
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