दि राइजिंग न्यूज़ | अयोध्या | 20 जून 2026
चंदा विवाद पर मुख्यमंत्री का सख्त संदेश
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। अयोध्या के रुदौली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राम मंदिर के निर्माण के लिए देश ने 500 वर्षों तक संघर्ष किया है, इसलिए किसी को भी अयोध्या की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं है।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास चंदा चोरी या किसी अन्य गड़बड़ी से संबंधित कोई ठोस प्रमाण है तो वह उसे विशेष जांच दल यानी एसआईटी को सौंपे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
जांच पूरी होने तक बयानबाजी से बचने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और ऐसे समय में बिना तथ्य के आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जांच रिपोर्ट आने तक किसी के चरित्र हनन का प्रयास न किया जाए।उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को अपना काम करने देना चाहिए और किसी भी प्रकार की राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए। उनके अनुसार अनावश्यक आरोपों से न केवल संस्थाओं की छवि प्रभावित होती है बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाएं भी आहत होती हैं।
विपक्ष पर साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ लोग केवल अयोध्या और राम मंदिर को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि जिन लोगों का इतिहास राम भक्तों पर गोली चलाने, श्रीराम के नाम पर विरोध करने और न्यायालय में भगवान राम के विरुद्ध पक्ष रखने का रहा है, वे आज राम मंदिर को लेकर सवाल उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता ऐसे लोगों के आचरण को भलीभांति जानती है।
एसआईटी जांच पर जताया भरोसा
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि राम मंदिर ट्रस्ट की मांग पर ही राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी और यह स्पष्ट हो जाएगा कि आरोपों में कितना दम है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने अपराध किया है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
जिम्मेदारी निभाने पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज और संस्थाओं के विकास के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि जवाबदेही और पारदर्शिता ही किसी भी व्यवस्था को मजबूत बनाती है।उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक तथ्यों पर भरोसा करें। उनके अनुसार अयोध्या की गरिमा और राम मंदिर की प्रतिष्ठा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
वीरांगनाओं के नाम पर नई पीएसी बटालियन
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रनायकों और वीरांगनाओं के योगदान को याद करते हुए कहा कि देशभक्ति और समाज सेवा की प्रेरणा इन्हीं महान व्यक्तित्वों से मिलती है।उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई कोरी और वीरांगना उदा देवी पासी के नाम पर प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी यानी पीएसी की तीन नई बटालियन गठित करने का निर्णय लिया है।
केवल बेटियों को मिलेगा अवसर
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन तीनों नई पीएसी बटालियनों की सबसे विशेष बात यह होगी कि इनमें केवल बेटियों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।सरकार का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा बलों में अधिक अवसर प्रदान करना और उन्हें नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रदेश की बेटियां इन बटालियनों के माध्यम से नई मिसाल कायम करेंगी।
अयोध्या की गरिमा बनाए रखने का आह्वान
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता से अपील की कि वे अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े मामलों में संयम बनाए रखें। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां अपना कार्य कर रही हैं और जल्द ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी।मुख्यमंत्री ने दोहराया कि यदि कोई दोषी पाया गया तो उसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा, लेकिन बिना प्रमाण के आरोप लगाकर अयोध्या की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास भी स्वीकार नहीं किया जाएगा।