यूपी में बारिश से किसानों की फसलें बर्बाद:लखीमपुर में 3 की मौत, बहराइच में सड़क पर गिरे पेड़; पढ़िए 5 जिलों से रिपोर्ट
यूपी में बारिश से हाल-बेहाल हो गए हैं। कई जिलों में 40 घंटे से ज्यादा समय से बारिश हो रही है। सड़कों पर पानी भरा है, किसानों की फसल डूब गई है, कई जगह तेज हवा की वजह से पेड़ गिर गए तो कहीं कच्चे मकान भरभराकर गिर गए। हालात बहुत खराब हैं। स्कूलों में बच्चों की छुट्टी कर दी गई है। यूपी के लखीमपुर में लगातार दो दिनों से बारिश हो रही है। ग्रामीण इलाके में पानी भरने से एक कच्चा मकान भर-भराकर गिर गया। मकान के मलबे में दबने से 3 की मौत हो गई। जालौन में बारिश के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है, मूसलाधार बारिश के कारण उनकी तिल की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। बहराइच में तेज बारिश और हवा के कारण कई पेड़ सड़कों पर गिर गए। किसानों की फसल उखड़ गई। बारिश की वजह से जिले के किसानों को काफी नुकसान हुआ है। सुलतानपुर में भारी बारिश की वजह से धान की फसल डूब गई। केले की फसल भी बर्बाद हो गई। बिजली के 1070 पोल उखड़ गए। 89 ट्रांसफार्मर भी टूट गए। बाराबंकी में बारिश की वजह से मकान और पेड़ गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई। वहीं 6 लोग गंभीर घायल हैं। वहीं किसानों का कहना है, बारिश की वजह से उनकी 6 महीने की मेहनत खराब हो गई। देवरिया में तेज हवा और बारिश के कारण धान की फसल खेतों में जमीन पर गिर गई। किसानों के अनुसार करीब 40 प्रतिशत से अधिक किसानों की धान की फसल प्रभावित हुई है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। बता दें, यूपी के 32 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। बारिश की वजह से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हुआ है। अपनी फसलों को बचाने के लिए किसान बारिश में भी खेतों पर काम कर रहे हैं। पढ़िए यूपी के 6 जिलों से रिपोर्ट- लखीमपुर में खेतों में भरा पानी लखीमपुर खीरी में पिछले 36 से 48 घंटे से रुक-रुककर हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बारिश से शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मितौली तहसील के रहमतपुर और नीमगांव क्षेत्र में हालात ज्यादा खराब हैं। वहीं शारदा और घाघरा नदी के तटीय इलाकों में भी खेतों और रास्तों पर पानी भर गया है। मितौली क्षेत्र के रहमतपुर गांव में बारिश के चलते एक कच्चा मकान भर-भराकर गिर गया। मलबे में दबने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में मोहन कश्यप (50), उनकी पत्नी सरिता (45) और उनका करीब आठ वर्षीय बेटा शामिल है। ग्रामीणों का कहना है, गांव में पानी निकासी के लिए बनी पुलिया लंबे समय से बंद है। इसके चलते बारिश का पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है और निचले इलाकों में लगातार जलभराव बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। बारिश का असर फसलों पर भी दिखाई देने लगा है। खेतों में पानी भरने से धान की खड़ी फसल गिरने लगी है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी नहीं निकला तो धान की फसल सड़ जाएगी। तेज हवा के कारण गन्ने की फसल भी खेतों में झुक गई है। जबकि केला और तिलहनी फसलों को भी नुकसान हुआ है। लगातार हो रही बारिश के बीच शहर में जलभराव और पेड़ गिरने की घटनाओं को देखते हुए डीएम अंजनी कुमार सिंह ने शनिवार को शहर के हालातों का जायजा लिया। डीएम ने अधिकारियों को जल निकासी दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। शहर में कई स्थानों पर गिरे पेड़ों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। लखीमपुर के मैलानी कस्बा और आसपास के कई गांवों की बिजली पिछले 20 घंटे से ठप है। दुधवा बफर जोन में पेड़ गिरने से पोल व तार टूट गए हैं। जालौन में बारिश से मकान गिरा जालौन में पिछले 36 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण किसानों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा प्रभावित कोंच और उरई तहसील के गांव हैं। किसानों का कहना है कि बारिश के कारण उनकी तिल की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसानों का कहना है, सरकार की तरफ से उन्हें किसी प्रकार की कोई भी राहत नहीं मिली है। शनिवार सुबह जालौन के कालपी नगर के काजीपुरा मोहल्ले में एक पुराना और जर्जर मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मकान ढहने के बाद गरीब परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। परिवार का कहना है कि मकान गिरने से उनकी गृहस्थी का सामान नष्ट हो गया है। दोबारा घर बनाने की स्थिति में वे नहीं हैं। पीड़ित परिवार ने आर्थिक सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं रामपुरा विकासखंड अंतर्गत उदौतपुरा गांव में एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मकान गिरने की पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई। बहराइच में टोल फ्री नंबर जारी बहराइच में खराब मौसम, भारी बारिश, आकाशीय बिजली और आंधी-तूफान को देखते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। बहराइच की सभी तहसीलों में बारिश और तेज हवाओ के चलते कई पेड़ सड़कों पर गिर गए। जिन्हें वन विभाग की ओर से हटाया जा रहा है। इसके साथ ही तेजवापुर, कैसरगंज और फखरपुर समेत अन्य इलाकों में 30 से अधिक बिजली क पोल गिर गए। वहीं हजारों बीघा केले, धान और गन्ने की फसल बर्बाद हो गई। हालात को देखते हुए डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घटनाओं की रिपोर्ट तत्काल व्हाट्सएप ग्रुप पर उपलब्ध कराई जाए। साथ ही कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 05252-230132 और टोल फ्री नंबर 1077 पर भी सूचना दी जाए। तहसील प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि क्षेत्र का भ्रमण कर क्षतिग्रस्त मकानों, पशुओं, फसलों और अन्य नुकसानों का सर्वे किया जाए। ताकि प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराई जा सके। सुलतानपुर में केले के पेड़ गिरे सुलतानपुर में 48 घंटो से लगातार हो रही बारिश से धान की फसल ज्यादा प्रभावित हुई है। वहीं कई जगह बिजली के पोल गिरे हैं। कूरेभार, धनपतगंज, बल्दीराय, कादीपुर, करौंदीकला, जयसिंहपुर, मोतिगरपुर, भदैया, दुबेपुर आदि ब्लॉक क्षेत्रों में धान की लगभग 25-30 प्रतिशत फसलों को बारिश से नुकसान हुआ है। किसान रौनक सिंह ने बताया, उनके करीब 4 बीघा खेत में खड़ी धान की फसल बारिश के कारण बर्बाद हो गई है। फसल में बालियां निकल चुकी थीं और दाने आने बाकी थे। इसी बीच लगातार हुई बारिश ने पूरी फसल को प्रभावित कर दिया।आनापुर निवासी राम उजागिर वर्मा ने बताया, हमने 800 पेड़ केले का लगाया था, जो बिल्कुल तैयार पोजीशन पर था। इनमें से 300 पेड़ तैयार हालत में गिर गए। कूरेभार ब्लॉक क्षेत्र के किसान अनिल वर्मा ने बताया, 6 बीघे धान की अगैती फसल तैयार होने को है। जिसमें से लगभग 2 बीघा फसल बारिश से गिर गई है। वहीं मोतिगरपुर ब्लॉक क्षेत्र में डेढ़ लाख से अधिक आबादी अंधेरे में है। विद्युत उपकेंद्र दियरा के मोतिगरपुर, बरौसा, पहाड़पुर, हमजाबाद, इंडोडच और दियरा में करीब 20 बिजली के पोल उखड़ गए हैं। ढेमा, सरैंया, गोपालपुर और पांडेबाबा फीडर से जुड़े 50 हजार से अधिक लोग दो दिनों से बिजली संकट झेल रहे हैं। देवरिया में धान की फसल प्रभावित देवरिया में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन के साथ खेती को भी प्रभावित किया है। तेज हवा और बारिश के कारण बड़ी संख्या में धान की फसल खेतों में जमीन पर गिर गई। किसानों के अनुसार करीब 40 प्रतिशत से अधिक किसानों की धान की फसल प्रभावित हुई है। वहीं बारिश और तेज हवा के कारण जिले में कई स्थानों पर पेड़ गिर गए। इससे सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों और संबंधित विभागों की मदद से रास्तों से पेड़ों को हटाया गया। सलेमपुर क्षेत्र में बारिश के बीच एक पुराना मकान भर-भराकर गिर गया। देवरिया मुख्यालय के एक दर्जन से अधिक मोहल्लों में 8 से 10 घंटे तक बिजली बाधित रहने से लोगों को परेशानी हुई। लगातार खराब मौसम के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। बाराबंकी में खेतों में भरा पानी बाराबंकी में लगातार करीब 55 घंटे से हो रही बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। खराब मौसम के बीच अलग-अलग हादसों में अब तक तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। लगातार बारिश से ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों और पेड़ों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। बाराबंकी में लगातार बारिश का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ा है। धान खेतों में पककर तैयार खड़ी थी, लेकिन तेज बारिश और हवाओं के कारण कई इलाकों में फसल जमीन पर बिछ गई है। खेतों में पानी भरने से धान के खराब होने की आशंका बढ़ गई है। लगातार खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन और राहत टीमों की चुनौती भी बढ़ गई है। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को लेकर लोगों में डर बना हुआ है। ……………………………………………………………………………………… यह खबर भी पढ़ें प्रेमानंदजी का शिष्य चौथी मंजिल से कूदा, मौत:2 साल पहले दीक्षा ली थी, मां शव देखकर रोईं, बोलीं- मिलने नहीं दिया जाता था वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के 25 साल के शिष्य ने चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी। उनके प्राइवेट पार्ट से खून बह रहा था। कमरे में एक ग्राइंडर मिला है, जिस पर खून लगा था। आशंका है कि शिष्य ने ग्राइंडर से प्राइवेट पार्ट को नुकसान पहुंचाया था।
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