दिल्ली में तिरंगा प्रदर्शन पर घमासान, अभिजीत दीपके की पेशी और नेहा बोरा रिहा
दिल्ली में ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन को लेकर विवाद बढ़ गया है। अभिजीत दीपके को अदालत में पेश किए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि नेहा बोरा को हिरासत से रिहा कर दिया गया। सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत, कनॉट प्लेस में पुलिस की तैनाती और व्यापारियों की चिंताओं ने मामले को चर्चा में ला दिया है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 17 अक्टूबर 2026
दिल्ली में ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश करने की तैयारी की है। पार्टी की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह के अनुसार, दीपके को 17 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे मंदिर मार्ग स्थित अदालत में पेश किया जाना था। वहीं, छात्र संगठन की अध्यक्ष नेहा बोरा को पुलिस ने हिरासत से रिहा कर दिया है। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों के आरोप और व्यापारियों की चिंताएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
अभिजीत दीपके की अदालत में पेशी को लेकर बड़ा अपडेट
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके की हिरासत को लेकर 17 अक्टूबर की सुबह पार्टी की ओर से महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पार्टी की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने बताया कि दिल्ली पुलिस दीपके को दोपहर 12 बजे मंदिर मार्ग स्थित अदालत में पेश करेगी। इससे पहले पार्टी ने आरोप लगाया था कि दीपके को अज्ञात स्थान पर ले जाया गया और उन्हें वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। उपलब्ध समाचार में अदालत में पेशी के अंतिम परिणाम की जानकारी नहीं दी गई है।
नेहा बोरा हिरासत से रिहा, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
छात्र संगठन की अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत से रिहा कर दिया है। रिहाई के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान आम नागरिकों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों को कई घंटों तक हिरासत में रखा जाता है और बाद में छोड़ा जाता है। उनके बयान के बाद भी विवाद जारी रहने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, नेहा के आरोपों पर पुलिस का विस्तृत जवाब उपलब्ध समाचार में नहीं दिया गया है।
सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत का पांचवां दिन
कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने सामाजिक माध्यम पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत का 17 अक्टूबर को पांचवां दिन था। दोनों को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर से हिरासत में लिया गया था। समाचार के अनुसार, अदालत ने उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजने का आदेश दिया था। पार्टी के नेताओं ने इन गिरफ्तारियों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
कनॉट प्लेस में भारी पुलिस बल की तैनाती
‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली के कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। सेंट्रल पार्क के आसपास पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। समाचार के अनुसार, नई दिल्ली क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू थी और प्रशासन ने सेंट्रल पार्क को दो दिनों के लिए बंद कर दिया था। पुलिस ने लोगों से कानून का पालन करने और प्रतिबंधित क्षेत्र में भीड़ एकत्र नहीं करने की अपील की थी।
तिरंगा लेकर जा रहे दीपके को हिरासत में लेने पर विवाद
कॉकरोच जनता पार्टी ने दावा किया कि अभिजीत दीपके राष्ट्रीय ध्वज लेकर शांतिपूर्ण तरीके से कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क की ओर जा रहे थे। पार्टी के अनुसार, उस समय दीपके के साथ कोई बड़ी भीड़ नहीं थी और वह अकेले पैदल जा रहे थे। पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही हिरासत में ले लिया। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और क्षेत्र में लागू प्रतिबंधों का पालन कराने की आवश्यकता बताई थी।
दिल्ली पुलिस ने सार्वजनिक व्यवस्था का दिया हवाला
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, कनॉट प्लेस एक व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में दुकानें, कार्यालय, होटल और अन्य प्रतिष्ठान हैं। ऐसे स्थान पर भीड़ जमा होने से यातायात, आपातकालीन आवागमन और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। पुलिस ने क्षेत्र में लागू निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की। अधिकारियों ने राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय निर्धारित ध्वज संहिता का पालन करने पर भी जोर दिया।
व्यापारियों ने प्रदर्शन से कारोबार प्रभावित होने की जताई आशंका
कनॉट प्लेस के व्यापारियों ने प्रदर्शन के लिए व्यस्त बाजार को चुने जाने पर चिंता व्यक्त की। नई दिल्ली व्यापार संघ के अध्यक्ष अतुल भार्गव के अनुसार, त्योहारों के दौरान कारोबार व्यापारियों की आजीविका के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि कनॉट प्लेस में बड़ी संख्या में ग्राहक आते हैं और प्रदर्शन के कारण दुकानों के कामकाज पर असर पड़ सकता है। व्यापारियों ने मांग की कि प्रदर्शन के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों का इस्तेमाल किया जाए, ताकि कारोबार और आम लोगों की सुविधाएं प्रभावित न हों।
संजय सिंह ने हिरासत पर सरकार को घेरा
अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने के बाद आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने सामाजिक माध्यम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस कार्रवाई से आंदोलन और तेज हो सकता है तथा तिरंगा फहराने का सिलसिला जारी रहेगा। उनकी प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि इस मामले को लेकर राजनीतिक विवाद भी बढ़ रहा है। हालांकि, यह संजय सिंह की राजनीतिक प्रतिक्रिया है और इसे संबंधित पक्ष के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
सुधांशु त्रिवेदी ने प्रदर्शन के समय और स्थान पर उठाए सवाल
भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कनॉट प्लेस में प्रदर्शन के आयोजन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सप्ताहांत और त्योहारों के समय इस क्षेत्र में पहले से ही बड़ी संख्या में लोग आते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसे समय पर प्रदर्शन से व्यापार और दिल्ली की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे किसी के प्रभाव में आकर ऐसा कदम न उठाएं, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था या कारोबार को नुकसान पहुंचे।
कनॉट प्लेस और मंडी हाउस में प्रदर्शनकारियों की जुटान
समाचार के अनुसार, 16 अक्टूबर की शाम भारी पुलिस तैनाती के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों और छात्र संगठनों के सदस्यों ने कनॉट प्लेस तथा मंडी हाउस के आसपास तिरंगा लेकर प्रदर्शन किया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने ‘जय हिंद’ के नारे लगाए और राष्ट्रगान भी गाया। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया था। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से समाचार में लगभग 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई थी।
पुलिस ने कर्मियों की निजी जानकारी साझा नहीं करने की अपील की
दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त राजीव रंजन ने कहा कि कुछ सामाजिक माध्यम खातों पर प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों की तस्वीरें, वीडियो और निजी जानकारियां साझा की जा रही थीं। उन्होंने लोगों से ऐसी गतिविधियों से बचने की अपील की। पुलिस के अनुसार, किसी कर्मी का घर का पता और अन्य निजी जानकारी सार्वजनिक करना गैरकानूनी हो सकता है। अधिकारियों ने नागरिकों से सभी की निजता का सम्मान करने और कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखने का आग्रह किया।
लंदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे
दिल्ली में तिरंगा प्रदर्शन को लेकर विवाद के बीच लंदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाए जाने की जानकारी भी समाचार में सामने आई। उपलब्ध विवरण के अनुसार, भारतीय समुदाय के कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। हालांकि, इस कार्यक्रम में शामिल लोगों की संख्या, आयोजन के स्थान और पूरे घटनाक्रम का विस्तृत विवरण उपलब्ध समाचार में नहीं दिया गया है। इसलिए इस घटना से जुड़े अतिरिक्त दावों की पुष्टि के लिए अलग जानकारी आवश्यक होगी।
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