दहेज हत्या में पति, ससुर और सास को आजीवन कारावास:बहू को कमरे में बंद कर पीटा, हाथ-पैर बांध मिट्टी का तेल डालकर जलाया
बलिया में दहेज हत्या के एक मामले में न्यायालय ने पति, ससुर और सास को दोषसिद्ध कर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों पर 45-45 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला 16 अक्टूबर को जिला एवं सत्र न्यायालय, बलिया ने सुनाया। पुलिस के मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप यह फैसला आया है। पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे अभियान ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा के निर्देशन में मामले की प्रभावी पैरवी की गई। थाना रसड़ा में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 21/2021 में अभियुक्त अमलेश सिंह, कमलेश सिंह और रूबी सिंह पत्नी कमलेश सिंह, निवासी अठिलापुर, थाना रसड़ा, जिला बलिया को दोषसिद्ध किया गया। न्यायालय ने तीनों को धारा 498ए के तहत तीन-तीन वर्ष के साधारण कारावास और 40-40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, भारतीय दंड संहिता की धारा 304बी के तहत तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 के तहत भी तीनों को दो-दो वर्ष के साधारण कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह था मामला अभियोजन के अनुसार, वादी की पुत्री रजनी सिंह का विवाह 25 फरवरी 2020 को रसड़ा थाना क्षेत्र के अठिलापुर गांव निवासी अमलेश सिंह पुत्र स्वर्गीय रामइकबाल सिंह के साथ हुआ था। आरोप है कि विवाह के बाद ससुराल पक्ष के लोग अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। 28 जनवरी 2021 को दहेज की मांग को लेकर आरोपियों ने कथित तौर पर रजनी को कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटा। इसके बाद उसके हाथ-पैर बांधकर शरीर पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच की और आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) संजीव कुमार सिंह ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की।
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