महुआ मोइत्रा हटाएंगी निशिकांत दुबे पर विवादित पोस्ट, दिल्ली उच्च न्यायालय में दिया बयान
दिल्ली उच्च न्यायालय में महुआ मोइत्रा ने निशिकांत दुबे के खिलाफ की गई विवादित सामाजिक माध्यम पोस्ट हटाने की बात कही। दुबे ने महुआ मोइत्रा और पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 27 अक्टूबर 2026
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में अहम बयान दिया है। मंगलवार, 27 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान महुआ मोइत्रा के वकील ने अदालत को बताया कि वह सामाजिक माध्यम एक्स से अपनी संबंधित पोस्ट हटा देंगी। यह मामला निशिकांत दुबे की ओर से दायर मानहानि के मुकदमे से जुड़ा है। इस विवाद में पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग का नाम भी शामिल है।
महुआ मोइत्रा ने विवादित पोस्ट हटाने की बात कही
दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान महुआ मोइत्रा की ओर से पेश वकील ने न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला के सामने कहा कि उनकी मुवक्किल निशिकांत दुबे को लेकर की गई संबंधित पोस्ट हटा देंगी। इस पोस्ट में उन्होंने दुबे को कथित तौर पर 'फर्जी डिग्री किस्म का आदमी' कहा था। निशिकांत दुबे ने इस टिप्पणी को मानहानिकारक बताते हुए अदालत का रुख किया है। अब सुनवाई के दौरान पोस्ट हटाने की बात सामने आने से यह मामला चर्चा में है।
निशिकांत दुबे ने क्यों दायर किया मानहानि का मुकदमा
भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा के साथ-साथ पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के खिलाफ भी मानहानि का मुकदमा दायर किया है। दुबे का आरोप है कि उनके बारे में की गई टिप्पणियों से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। विवाद की एक कड़ी गर्ग के उस साक्षात्कार से जुड़ी है, जिसमें दुबे को कथित तौर पर 'ब्लैकमेलिंग किस्म का आदमी' कहा गया था। दुबे ने इन आरोपों को लेकर कानूनी कार्रवाई की है।
पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने क्या कहा
सुनवाई के दौरान सुभाष चंद्र गर्ग के वकील ने अदालत को बताया कि संबंधित कार्यक्रम बनाने वाले व्यक्ति से वीडियो के विवादित हिस्से को हटाने या रोकने का अनुरोध किया जाएगा। मामला उस बातचीत से जुड़ा है, जिसमें दुबे के बारे में कथित टिप्पणी की गई थी। शिकायत के अनुसार, यह बातचीत 17 सितंबर को शालिनी कपूर तिवारी के साथ एक संवाद कार्यक्रम में हुई थी। इसके बाद वीडियो को यूट्यूब, फेसबुक और अन्य डिजिटल मंचों पर साझा किया गया।
एलआईसी से जुड़े आरोपों पर भी विवाद
निशिकांत दुबे ने 21 सितंबर को सुभाष चंद्र गर्ग को कानूनी नोटिस भेजा था। नोटिस में आरोप लगाया गया कि गर्ग ने उनके बारे में ऐसी टिप्पणियां कीं, जिनसे उनकी छवि खराब हुई। दुबे ने यह भी दावा किया कि उन्होंने गर्ग से भारतीय जीवन बीमा निगम के अध्यक्ष से अपना कोई काम करवाने के लिए संपर्क नहीं किया था। इस विवाद में उनके ऊपर दबाव बनाने और अनुचित तरीके से काम निकलवाने से जुड़े आरोपों को लेकर भी सवाल उठे हैं।
मामले में आगे क्या होगा
फिलहाल, दिल्ली उच्च न्यायालय में महुआ मोइत्रा की ओर से संबंधित पोस्ट हटाने की बात कही गई है, जबकि गर्ग की ओर से विवादित वीडियो के हिस्से को हटवाने का अनुरोध करने की जानकारी दी गई है। मानहानि के मुकदमे में अदालत के सामने दोनों पक्षों की दलीलें महत्वपूर्ण होंगी। यह मामला राजनीतिक बयानबाजी और सार्वजनिक मंचों पर की गई टिप्पणियों की कानूनी सीमाओं को लेकर भी चर्चा में है। आगे की कार्रवाई और अदालत के निर्देशों पर इस मामले की दिशा निर्भर करेगी।
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