मस्क के ग्रोक ने बनाई 7-मिनट की AI फिल्म:ग्रीक की प्राचीन कहानी होमर्स ओडिसी पर बेस्ड है मूवी; यूजर्स बोले- विजुअल्स अच्छे, लेकिन डायलॉग बेजान
इलॉन मस्क के AI प्लेटफॉर्म 'ग्रोक' ने फिल्म मेकिंग में एंट्री कर ली है। मस्क ने कुछ समय पहले दावा किया था कि वे साल के अंत तक एक फुल-लेंथ AI फिल्म बनाएंगे। उस वादे के तीन महीने बाद 'ग्रोक इमेजिन' के X हैंडल से 7 मिनट का एक वीडियो शेयर किया है। कंपनी इसे अपनी 'ओडिसी' सीरीज का पहला एपिसोड बता रही है, जो मशहूर प्राचीन ग्रीक महाकाव्य होमर्स ओडिसी पर आधारित है। वीडियो के विजुअल्स तो शानदार हैं, लेकिन दर्शकों को यह खास पसंद नहीं आ रहा है। लोग इसे बेजान, उबाऊ और इंसानी अहसासों से एकदम दूर बता रहे हैं। फिल्म बनाने का तरीका 7 मिनट की यह शॉर्ट फिल्म 'वंडर स्टूडियोज' और डायरेक्टर देव वॉकर के साथ मिलकर बनाई गई है। इसे xAI के टूल 'ग्रोक इमेजिन' से जनरेट किया गया है। हालांकि, xAI ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि फिल्म की कहानी, विजुअल्स, आवाज और कैमरा वर्क असल में कैसे तैयार किए गए। 7 मिनट के वीडियो में क्या है? वीडियो की शुरुआत ग्रीक हीरो ओडिसीयस से होती है, जो ट्रोजन वॉर के लिए निकलने की तैयारी कर रहा है। इसमें उसकी पत्नी पेनेलोप उसे युद्ध में जाने के लिए बोलती है। ग्रीक जहाज समंदर में रवाना होते दिखते हैं और उनका बेटा टेलीमाकस जंग की ट्रेनिंग लेता नजर आता है। वीडियो के कुछ सीन्स देखने में बहुत असली लगते हैं। समंदर में जहाजों के शॉट्स इतने बेहतरीन हैं कि पहली नजर में कोई भी इन्हें असली शूटिंग समझ सकता है। इसमें नैरेटर और कैरेक्टर एक आम ब्रिटिश लहजे में बोलते हैं, जो किसी वीडियो गेम की तरह लगता है। क्रिस्टोफर नोलन के साथ विवाद से जुड़ी है यह फिल्म ग्रोक की इस AI फिल्म का कनेक्शन हॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर क्रिस्टोफर नोलन के एक विवाद से भी जुड़ा है। इसी साल जुलाई में नोलन ने 'द ओडिसी' फिल्म रिलीज की थी। नोलन की यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई, जिसने महीनों तक IMAX थिएटर्स को हाउसफुल रखा और यह ऑस्कर की रेस में भी सबसे आगे चल रही है। वह बहुत बड़े बजट का प्रोजेक्ट था, जिसे 6 अलग-अलग देशों में हजारों क्रू मेंबर्स के साथ शूट किया गया था। नोलन की फिल्म में नॉन-व्हाइट और ट्रांसजेंडर एक्टर्स को कास्ट करने पर इलॉन मस्क ने उनकी आलोचना की थी। इसी के जवाब में, ग्रोक के AI वर्जन में सिर्फ 'मस्क की पसंद वाले' स्किन टोन के कैरेक्टर्स ही रखे गए हैं। वहीं, नोलन खुद को तकनीक पर ज्यादा भरोसा न करने वाला बताते हैं और उन्होंने AI के इस तरह इस्तेमाल की खुलकर आलोचना की है। लोग क्यों पसंद नहीं कर रहे यह फिल्म? लोगों का कहना है कि इसमें न तो कोई भावनाएं हैं और न ही इंसानी क्रिएटिविटी। डायलॉग्स एकदम बेजान हैं और नैरेशन बहुत लंबा व उबाऊ है। नोलन की 3 घंटे की फिल्म जहां लोगों को बांधकर रखती है, वहीं ग्रोक के 7 मिनट के वीडियो में ही लोग बोर होने लगे। X पर कई यूजर्स ने इसे घटिया कंटेंट कहा और इसकी तुलना किसी बोरिंग वीडियो गेम के कटसीन से कर दी। मस्क की पूरी फिल्म कब आएगी, यह अभी साफ नहीं है। पर इतना तय है कि AI को इंसानी एक्टर्स और डायरेक्टर्स की जगह लेने में अभी लंबा समय लगेगा।
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