योगी ने क्यों बताया 16 मई 2014 को विकसित भारत की अहम तारीख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में विधि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 16 मई 2014 को विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण तारीख बताया। उन्होंने कहा कि इसी दिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला था। मुख्यमंत्री ने पुराने कानूनों को समाप्त करने, अनुच्छेद 370 में बदलाव और महिला आरक्षण कानून का उल्लेख किया। उन्होंने विद्यार्थियों से वर्ष 2047 तक देश की न्याय व्यवस्था और प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार रहने की अपील की।

Oct 17, 2026 - 17:37
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योगी ने क्यों बताया 16 मई 2014 को विकसित भारत की अहम तारीख

 दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 17 अक्टूबर 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 मई 2014 को भारत के इतिहास और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण तारीख बताया है। शनिवार को लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में उन्होंने इस तारीख का विशेष उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी दिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी को लोकसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत मिला था। उनके अनुसार, इस राजनीतिक बदलाव के बाद देश में कई महत्वपूर्ण सुधारों की प्रक्रिया आगे बढ़ी और विकास से जुड़े नए रास्ते खुले।

16 मई 2014 को क्यों बताया महत्वपूर्ण तारीख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 16 मई 2014 भारतीय राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक दिन था। उस समय लगभग तीन दशक बाद किसी एक राजनीतिक दल को लोकसभा में अपने दम पर पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ था। भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने और केंद्र में नई सरकार का गठन हुआ। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस बदलाव ने देश में नीतिगत सुधारों और प्रशासनिक फैसलों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पुराने कानूनों को समाप्त करने और सुधारों का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पुराने और गैरजरूरी कानूनों को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाए। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया के तहत 1,500 से अधिक पुराने कानूनों को खत्म किया गया। योगी आदित्यनाथ ने इसे प्रशासनिक व्यवस्था को सरल बनाने और देश में सुधारों को आगे बढ़ाने से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसले विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अनुच्छेद 370 और महिला आरक्षण कानून का जिक्र

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में जम्मू-कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे देश में बड़े संवैधानिक बदलावों में शामिल बताया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके संबोधन का मुख्य संदेश यह था कि देश को आगे बढ़ाने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रभावी कानून और व्यापक सुधार आवश्यक हैं।

वर्ष 2047 में आज के विद्यार्थी निभाएंगे अहम जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून की पढ़ाई पूरी कर रहे विद्यार्थियों को भविष्य की जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2047 को भारत की स्वतंत्रता के सौ वर्ष पूरे होंगे और उस समय आज के विद्यार्थी विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे सकते हैं। इनमें न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता और शासन-प्रशासन से जुड़े अधिकारी शामिल हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अभी से अपने ज्ञान, कौशल और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।

वकीलों के लिए सत्य और निरंतर अध्ययन जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अच्छे अधिवक्ता के जीवन में सत्य, धर्म और निरंतर अध्ययन का विशेष महत्व होता है। कानून के क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि न्याय व्यवस्था में लोगों का विश्वास बनाए रखने के लिए सत्यनिष्ठा और निष्पक्षता आवश्यक हैं। उनके अनुसार, कानून की शिक्षा केवल उपाधि प्राप्त करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी होना चाहिए।

शिव जैसा मस्तिष्क, कृष्ण जैसा हृदय और राम जैसा वचन

योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों को भगवान शिव, श्रीकृष्ण और भगवान राम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि शिव जैसा मस्तिष्क व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में शांत रहकर सही निर्णय लेने की सीख देता है। श्रीकृष्ण जैसा हृदय गरीबों और कमजोर लोगों के प्रति संवेदनशीलता रखने का संदेश देता है। वहीं, भगवान राम जैसा वचन मर्यादा का पालन करने, सत्य के मार्ग पर चलने और अपनी बात पर कायम रहने की प्रेरणा देता है।

उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी बोले मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले की सरकारों के दौरान प्रदेश में गुंडाराज और माफिया का प्रभाव था। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में माफिया के खिलाफ कार्रवाई की गई और कानून का शासन मजबूत हुआ। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी विकसित समाज के निर्माण के लिए कानून व्यवस्था का मजबूत होना आवश्यक है। उन्होंने कानून के विद्यार्थियों को भी न्याय, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया।

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