10 अक्टूबर आंदोलन से पहले CJP नेताओं पर बढ़ी मुश्किलें, दिल्ली पुलिस ने शुरू की जांच
10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित आंदोलन से पहले दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई के प्रदर्शन में हुई कथित हिंसा की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका से पूछताछ की संभावना जताई जा रही है। पुलिस हिंसा, तोड़फोड़, पुलिसकर्मियों पर कथित हमले और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की जांच कर रही है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 8 अक्टूबर 2026
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में आंदोलन का ऐलान किया है। आंदोलन से पहले दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान पार्टी के प्रमुख नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका से पूछताछ किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
20 जुलाई के प्रदर्शन की हिंसा की जांच शुरू
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 20 जुलाई को नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी की अगुवाई में हुए संसद मार्च के दौरान हुई कथित हिंसा की जांच शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी के अनुसार, इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और उसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका से हो सकती है पूछताछ
जांच के दौरान पुलिस कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके तथा शीर्ष नेतृत्व से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका से पूछताछ कर सकती है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 20 जुलाई को हुई हिंसा में किन लोगों की भूमिका रही थी। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन नेताओं को पूछताछ के लिए कब बुलाया जाएगा।
हिंसा के पीछे साजिश थी या भीड़ में घुसे आपराधिक तत्व
पुलिस की जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह पता लगाना है कि प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा पहले से बनाई गई किसी योजना का हिस्सा थी या फिर विरोध प्रदर्शन की भीड़ में कुछ आपराधिक तत्व शामिल हो गए थे। जांच में घटनाक्रम, प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों और मौके पर हुई कथित हिंसा से जुड़े पहलुओं को देखा जाएगा। इसके आधार पर जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय करने की कोशिश की जाएगी।
पुलिसकर्मियों पर हमले और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान भी जांच के दायरे में
जांच में प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर कथित हमले, तोड़फोड़ और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों को भी शामिल किया गया है। पुलिस की गाड़ियों को नुकसान पहुंचाने से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि इन घटनाओं के लिए कौन लोग जिम्मेदार थे और उनकी भूमिका क्या थी।
जुलाई की हिंसा से जुड़ी 17 प्राथमिकी पहले ही रद्द
जानकारी के अनुसार, जुलाई में हुई हिंसा से जुड़े 17 मामलों की प्राथमिकी पहले ही रद्द की जा चुकी हैं। यह कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद की गई थी। इसके बावजूद पुलिस द्वारा कुछ अन्य घटनाओं और आरोपों से जुड़े मामलों की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
10 अक्टूबर को दिल्ली में आंदोलन की तैयारी
कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को दिल्ली में बड़े आंदोलन की तैयारी कर रही है। पार्टी के नेताओं और स्वयंसेवकों के दिल्ली पहुंचने से पहले ही पुलिस की ओर से 20 जुलाई की घटना की जांच शुरू होने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व आंदोलन को लेकर अपनी रणनीति तैयार कर रहा है।
प्रदर्शन की अनुमति को लेकर भी सामने आया विवाद
कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व ने दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति के लिए पुलिस से संपर्क किया था। पुलिस की ओर से कहा गया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए कम से कम 10 दिन पहले अनुमति लेना जरूरी है। इसके बाद पार्टी के नेताओं की ओर से आंदोलन की तैयारियों और आगे की रणनीति पर चर्चा की जा रही है।
स्वयंसेवकों को नोटिस भेजे जाने का अभिजीत दीपके का दावा
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक पत्रकार वार्ता में दावा किया था कि 10 अक्टूबर के आंदोलन से पहले पार्टी के स्वयंसेवकों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। दीपके के इस दावे के बाद आंदोलन से पहले पुलिस कार्रवाई को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, नोटिस से जुड़े दावों पर पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
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