15 हजार वोटरों ने बढ़ा दिया एमएलसी चुनाव का रोमांच:मतदाता सूची में बढ़े नामों में से अधिकतर प्राइवेट स्कूलों के शिक्षक
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का यह चुनाव काफी रोमांचक मोड़ पर आता जा रहा है। इस बार के चुनाव में सबको वे 15 हजार मतदाता नजर आ रहे हैं, जो 2020 के चुनाव के बाद वोटर बने हैं। इनमें ज्यादा संख्या उन शिक्षकों की है, जो वित्तविहीन स्कूलों में, अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। इन्हीं स्कूलों में प्रत्याशी चक्कर भी लगा रहे हैं। इससे पहले दिसंबर 2020 में शिक्षक एमएलसी का चुनाव संपन्न हुआ था। उस समय लगभग 40 हजार मतदाता था। उसमें से लगभग 73 प्रतिशत लोगों ने वोट डाला था। इस चुनाव में नीचे के सभी प्रत्याशियों के एलीमिनेट हो जाने के कारण ध्रुव कुमार त्रिपाठी चुनाव जीतने में कामयाब रहे थे। उन्हें लगभग 12 हजार वोट मिले थे। पहली बार बने शिक्षकों में वोट देने को लेकर उत्सुकता जो शिक्षक पहली बार वोटर बने हैं, वे वोट देने को लेकर काफी उत्सुक हैं। माना जा रहा है कि इससे वोटिंग प्रतिशत भी बढ़ने की उम्मीद है। पहले आमतौर पर एडेड विद्यालयों की ओर घूमने वाली शिक्षक राजनीति को अब वित्त विहीन शिक्षक भी खूब प्रभावित कर रहे हैं। इस साल हो रहे चुनाव में लगभग 55 हजार मतदाता 16 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। 4 प्रत्याशियों के बीच सिमटती लड़ाई शिक्षक एमएलसी चुनाव की लड़ाई 4 प्रत्याशियों के बीच सिमटती नजर आ रही है। 3 बार से एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के प्रत्याशी हैं। इस बार भी वह काफी मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं। सत्ताधारी राजनीतिक दल के साथ होने के कारण इस बार बड़ी संख्या में लोग इनके साथ प्रचार में जुटे हैं। सपा के प्रत्याशी डा. संजयन त्रिपाठी की दावेदारी भी मजबूत है। इसी तरह निर्दल प्रत्याशी अजय सिंह एवं राजीव यादव भी मजबूती से लड़ाई लड़ रहे हैं। इनमें ध्रुव त्रिपाठी के पास तीन बार यह चुनाव जीतने को है। डा. संजयन त्रिपाठी दो बार स्नातक एमएलसी का चुनाव लड़ चुके हैं और तीसरी बार शिक्षक एमएलसी के लिए चुनाव मैदान में हैं। अजय सिंह पिछले चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे तबकि । तीसरा स्थान पाने वाले राजीव यादव इस बार जीत का दावा कर रहे हैं।
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