200 से अधिक युवाओं ने सीखी एआई टेक्निक:इटावा में करियर और रोजगार के अवसरों की मिली जानकारी

Oct 16, 2026 - 17:03
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200 से अधिक युवाओं ने सीखी एआई टेक्निक:इटावा में करियर और रोजगार के अवसरों की मिली जानकारी
इटावा में एआई पर एक दिवसीय निःशुल्क कार्यशाला शुक्रवार दोपहर 2 बजे आयोजित की गई। इसमें 200 से अधिक छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और युवाओं ने हिस्सा लेकर आधुनिक तकनीक की बारीकियां सीखीं। आईटी विशेषज्ञ अजय वर्मा की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में एआई के इस्तेमाल, रोजगार की संभावनाओं और भविष्य में करियर बनाने के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी गई। कार्यशाला में मुख्य वक्ता अजय वर्मा ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दायरा लगातार बढ़ रहा है। अब यह तकनीक केवल बड़े महानगरों या बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे शहरों के युवाओं के लिए भी नए अवसर उपलब्ध करा रही है। सही जानकारी और तकनीक के व्यावहारिक इस्तेमाल से युवा अपनी प्रतिभा को निखारने के साथ रोजगार के नए रास्ते तलाश सकते हैं। सत्र के दौरान एआई को केवल चैटजीपीटी तक सीमित समझने की धारणा पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों को लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम), एआई एजेंट, रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, इलेक्ट्रिक वाहन और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों में हो रहे तकनीकी विकास के बारे में बताया गया। इन क्षेत्रों में पढ़ाई, कौशल विकास और करियर बनाने की संभावनाओं को भी विस्तार से समझाया गया। अजय वर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के दौर में तकनीक से दूरी बनाने के बजाय उसे सीखना और सही तरीके से उपयोग करना जरूरी है। उनके अनुसार, एआई का प्रभावी इस्तेमाल करने वाले लोग उन लोगों की तुलना में आगे बढ़ सकते हैं, जो नई तकनीकों को अपनाने से बचते हैं। युवाओं को बदलते समय के अनुरूप अपने कौशल विकसित करने की सलाह दी गई। कार्यशाला में शिक्षकों को भी एआई टूल्स के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि इनकी मदद से प्रश्नपत्र तैयार करने और अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगने वाला समय कम किया जा सकता है। इससे शिक्षकों को अपने शैक्षणिक कार्यों पर अधिक ध्यान देने का अवसर मिल सकता है। कार्यशाला में तकनीक के जिम्मेदार और उपयोगी इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया। 12वीं पास विद्यार्थियों के लिए भविष्य में करियर चुनने, आधुनिक तरीके से रिज्यूमे तैयार करने और लिंक्डइन प्रोफाइल के माध्यम से देश-विदेश की कंपनियों तक अपनी पहुंच बनाने के तरीके समझाए गए। प्रतिभागियों को बताया गया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का सही इस्तेमाल करके छोटे शहरों में रहते हुए भी रोजगार और पेशेवर नेटवर्किंग के अवसर तलाशे जा सकते हैं। कार्यक्रम के अंतिम सत्र में प्रतिभागियों के सवालों के जवाब दिए गए। इसके साथ ही उन्हें डिजिटल भागीदारी प्रमाणपत्र और निःशुल्क अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। कार्यशाला में शामिल स्थानीय शिक्षाविदों और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों ने इस पहल की सराहना की। आयोजक अजय वर्मा की इस पहल को युवाओं में आधुनिक तकनीक के प्रति जागरूकता बढ़ाने और एआई के क्षेत्र में करियर बनाने की दिशा में उपयोगी प्रयास के रूप में देखा गया।

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