3 करोड़ के जीएसटी फर्जीवाड़े में दूसरा आरोपी गिरफ्तार:झूलाकर्मी अमन के बाद उसका साथी सचिन भी चढ़ा पुलिस के हत्थे, मास्टरमाइंड प्रशांत की तलाश तेज
बरेली में 3.06 करोड़ रुपए की बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास कराकर सरकारी राजस्व में सेंध लगाने वाले गिरोह पर पुलिस का शिकंजा कस गया है। कागजों पर 'मेसर्स जागेश्वर ट्रेडर्स' नाम से अस्तित्वहीन फर्म बनाकर कर चोरी करने के मामले में एसआईटी-जीएसटी और पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार को दूसरे वांछित अभियुक्त सचिन कुमार को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले 16 अक्टूबर को इसी मामले में मुख्य आरोपी अमन कश्यप को पुलिस ने उसके घर से गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सचिन को कैंट और इज्जतनगर पुलिस ने नैनीताल रोड पर कुदेशिया पेट्रोल पंप के पास से पकड़ा। मेले में झूले का टिकट काटते थे, मुनाफे के लालच में दिया था आधार-पैन
पूछताछ में सचिन ने बताया कि वह, अमन कश्यप और अरुण कुमार पहले बिशप मंडल नुमाइश में झूले के टिकट काटने का काम करते थे। उसी दौरान नुमाइश में घूमने आए मठ लक्ष्मीपुर निवासी प्रशांत गुप्ता से उनकी मुलाकात हुई थी। प्रशांत ने ज्यादा मुनाफे का झांसा देकर कहा कि दो-तीन लोगों की आईडी लगाकर फर्म बनाएंगे और कारोबार चलाएंगे। इसके बाद प्रशांत उन्हें मिनी बाईपास स्थित पारस ट्रेडर्स ले गया, जहां उसके पिता सुभाष गुप्ता और भाई पारस भी मौजूद थे। आरोपियों ने व्यापार में हिस्सेदारी और नकदी देने का भरोसा देकर आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो ले लिए। तय सौदे के तहत अमन और अरुण को 55-55 हजार रुपए तय किए गए थे, जबकि सचिन को लगभग छह महीने तक नकद रकम मिलती रही। पीलीभीत बाईपास पर कागजों में फर्म, मौके पर नहीं मिला कोई वजूद
उपायुक्त राज्य कर (खंड-08) की शिकायत के बाद इज्जतनगर थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मौर्या मार्केट, छोटा बिहार (पीलीभीत बाईपास) के पते पर 'जागेश्वर ट्रेडर्स' फर्म पंजीकृत कराई थी। विभागीय अधिकारियों ने जब मौके पर स्थलीय निरीक्षण किया, तो वहां ऐसी कोई फर्म या दुकान अस्तित्व में नहीं पाई गई। केवल कागजों पर फर्जी बिलिंग और बोगस आईटीसी पास ऑन कर 3 करोड़ 6 लाख रुपए के टैक्स की चोरी की गई। आधी रात घेराबंदी कर दबोचा, मुख्य सूत्रधार पर कई मुकदमे
एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर एसआईटी-जीएसटी के मुख्य विवेचक व कैंट थाना प्रभारी संजय कुमार धीर, इज्जतनगर थाने के उपनिरीक्षक राजा भारद्वाज और सिपाही प्रिंस कुमार की टीम ने सूचना पर कार्रवाई की। टीम ने कुदेशिया पेट्रोल पंप के पास घेराबंदी कर सचिन कुमार निवासी किशोर बाजार, बिहारीपुर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस के अनुसार मुख्य साजिशकर्ता प्रशांत गुप्ता पहले भी जेल जा चुका है और आंवला व इज्जतनगर थाने में दर्ज मुकदमों में वांछित चल रहा है। करोड़ो की कर चोरी का मामला
एसपी क्राइम मनीष चंद्र सोनकर ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देशन में एसआईटी जीएसटी, थाना कैंट व थाना इज्जतनगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए फर्जी फर्म बनाकर बोगस आईटीसी पास करने और करीब 3 करोड़ 6 लाख रुपए की कर चोरी करने के मामले में वांछित अभियुक्त सचिन कुमार को गिरफ्तार किया है। इस प्रकरण में अस्तित्वहीन फर्म जागेश्वर ट्रेडर्स के खिलाफ इज्जतनगर थाने में मुकदमा दर्ज था। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि प्रशांत गुप्ता, उसके भाई पारस और पिता सुभाष गुप्ता ने अच्छा मुनाफा कमाने का लालच देकर सचिन, अमन कश्यप और अरुण के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी फर्म पंजीकृत कराई और बोगस बिलिंग के जरिए करोड़ों की कर चोरी की। मुख्य साजिशकर्ता प्रशांत गुप्ता पूर्व में भी जेल जा चुका है और अन्य मामलों में वांछित है, जबकि इस मामले में 16 अक्टूबर को एक अन्य अभियुक्त अमन को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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