3 महीने बाद बरामद छात्र माता-पिता को सौंपा:बाल कल्याण समिति ने 10 दिन के लिए दी सुपुर्दगी; अनुज ने बताने से किया इनकार- कहां रहा
मथुरा के बरसाना से बरामद 16 वर्षीय अनुज चौधरी को बाल कल्याण समिति ने उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। इससे पहले पुलिस ने उसे सादाबाद के एसीजेएम न्यायालय में पेश किया था। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस अनुज को हाथरस बाल कल्याण समिति के सामने लेकर पहुंची। समिति ने फिलहाल 10 दिन के लिए उसे उसकी मर्जी से माता-पिता के साथ रहने की अनुमति दी है। अनुज ने इस दौरान कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। परिवार के लोगों का कहना है कि वे घर जाकर उससे बातचीत करेंगे। इसके बाद ही पता चल सकेगा कि वह तीन महीने तक कहां रहा और उसके साथ क्या हुआ। अनुज के चाचा जितेंद्र ने बताया कि उनका भतीजा बरसाना से मिला है। तीन महीने वह कहां और कैसे रहा, इस बारे में अभी अनुज से बातचीत करने के बाद ही कुछ कह पाएंगे। 25 जून को आश्रम से दीक्षा लेकर लौटा था सादाबाद क्षेत्र के खेड़ा बरामई गांव निवासी राजवीर सिंह का 16 वर्षीय बेटा अनुज चौधरी इंटरमीडिएट का छात्र है। परिवार के अनुसार, वह 25 जून को प्रेमानंद महाराज के आश्रम गया था और वहां से दीक्षा लेकर लौटा था। उसने परिवार को बताया था कि उसका झुकाव अब आध्यात्म की तरफ हो गया है। इसके बाद 3 जुलाई को वह कोचिंग जाने की बात कहकर घर से निकला और वापस नहीं लौटा। परिजनों ने सादाबाद थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। आश्रम के बाहर परिवार ने दिया था धरना काफी तलाश के बाद भी अनुज का पता नहीं चला तो तीन दिन पहले परिवार के लोगों ने वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम के बाहर धरना दिया था। परिवार ने आशंका जताई थी कि अनुज आश्रम के अंदर है। मथुरा पुलिस के आश्वासन के बाद परिवार वहां से लौट आया था। इसके बाद पुलिस ने अनुज की तलाश तेज कर दी थी। बरसाना से बरामद कर परिवार से मिलवाया शनिवार शाम पुलिस ने अनुज को मथुरा के बरसाना से बरामद कर लिया था। पुलिस ने उसकी परिवार के लोगों से मुलाकात भी कराई थी। सोमवार को उसे सादाबाद एसीजेएम न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस उसे हाथरस बाल कल्याण समिति के समक्ष लेकर आई, जहां समिति ने उसे 10 दिन के लिए माता-पिता के सुपुर्द कर दिया।
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