30 दिन में डेंगू के 123 नए मरीज, ग्वालटोली-बिल्हौर हॉटस्पॉट:कानपुर में डॉक्टर बोले- पानी न जमा होने दें, हैलट-उर्सला की ओपीडी में भीड़
कानपुर में मौसम बदलने के साथ डेंगू के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। एक महीने में मरीजों की संख्या 114 से बढ़कर 237 हो गई है। यानी 30 दिनों में 123 लोग डेंगू की चपेट में आए हैं। सबसे ज्यादा मामले ग्वालटोली और बिल्हौर क्षेत्र में मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में जांच कराकर मच्छरों के लार्वा नष्ट कराने का अभियान चलाया है। एक महीने में मलेरिया के भी 6 मरीज मिले हैं। वहीं, हैलट और उर्सला अस्पताल की ओपीडी में रोज 500 से ज्यादा मरीज बुखार और जुकाम की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों ने लोगों को घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी है। कूलर, पुराने टायर, गमलों और खुले बर्तनों में जमा पानी मच्छरों के पनपने की वजह बन सकता है। लगातार बुखार आने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से जांच कराने की सलाह दी गई है। ग्वालटोली और बिल्हौर में सबसे ज्यादा मरीज डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश्वर सिंह के मुताबिक, ग्वालटोली और बिल्हौर में डेंगू के सबसे ज्यादा मरीज मिले हैं। इन इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भेजकर जांच कराई गई। साथ ही मच्छरों के लार्वा नष्ट कराए गए हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए घरों और आसपास सफाई रखने के साथ मच्छरों को पनपने से रोकना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में लार्वा की जांच और उसे नष्ट करने की कार्रवाई की है। हैलट अस्पताल के एसआईसी डॉ. सौरभ अग्रवाल ने बताया कि मौसम बदलने के साथ मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए घरों में जमा पानी पर ध्यान देना चाहिए। गर्मी कम होने पर लोग कूलर बंद कर देते हैं, लेकिन उनमें भरा पानी मच्छरों के पनपने की वजह बन सकता है। पुराने टायरों, खाली बर्तनों और गमलों में जमा पानी से भी मच्छरों का खतरा बढ़ता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कूलर का पानी निकालकर उसे साफ करें। छतों, गमलों और घर के आसपास पानी जमा न होने दें। खाली बर्तनों और पुराने टायरों को भी ऐसी जगह रखें, जहां उनमें पानी न भर सके। हैलट-उर्सला की ओपीडी में रोज 500 से ज्यादा मरीज मौसम में बदलाव के बीच बुखार और जुकाम के मरीजों की संख्या भी बनी हुई है। हैलट और उर्सला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 500 से ज्यादा मरीज इन शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं। डॉ. सौरभ अग्रवाल ने सलाह दी कि लगातार बुखार आने पर इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। खुद से दवा लेने के बजाय सरकारी अस्पताल में डॉक्टर से जांच कराएं और उनकी सलाह के अनुसार ही दवा लें। डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच समय पर जांच और आसपास सफाई रखने से बीमारी का खतरा कम किया जा सकता है।
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