33 दिन डिजिटल अरेस्ट कर कारोबारी से 21-लाख की ठगी:CBI अधिकारी बताकर 6.80 करोड़ के लेनदेन में फंसने का डर दिखाया
इटावा में साइबर ठगों ने सीमेंट-पेंट कारोबारी को 33 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 21 लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को दिल्ली पुलिस का आईपीएस अधिकारी और सीबीआई अधिकारी बताकर कारोबारी को 6.80 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेनदेन में फंसने का डर दिखाया। गिरफ्तारी की धमकी देकर ठगों ने अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराई। परिवार को घर से उठाने और कारोबारी व उनके बेटे को जेल भेजने की धमकी भी दी गई। रकम जुटाने के लिए कारोबारी को घर के सोने-चांदी के जेवर तक बेचने पड़े। शिकायत के बाद साइबर थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फर्जी शिकायत भेजकर शुरू किया डराने का सिलसिला विजय नगर निवासी वीरेंद्र सिंह कुशवाह पचावली रोड, यशोदानगर में जमुना पेंट्स एजेंसी चलाते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 18 अगस्त को उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिए दिल्ली पुलिस कंप्लेंट एक्नॉलेजमेंट की फोटो भेजी गई। व्हाट्सएप आईडी पर बलराज सिंह आईपीएस नाम लिखा था। कुछ देर बाद आरोपी ने फोन कर बताया कि दिल्ली में उनके नाम से ICICI बैंक का एक खाता है, जिसमें 6.80 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ है। इसके बाद आरोपियों ने मामले में CBI जांच शुरू होने और गिरफ्तारी की बात कहकर कारोबारी को डराया। फर्जी पासबुक और लेनदेन का विवरण भेजा ठगों ने कारोबारी को फर्जी पासबुक और लेनदेन का विवरण भी भेजा। इससे वह आरोपियों की बातों पर भरोसा करने लगे। इसके बाद मामला खत्म कराने के नाम पर 50 लाख रुपए मांगे गए। आरोपियों ने किसी अन्य व्यक्ति को जानकारी देने पर परिवार को घर से उठाने की धमकी भी दी। चार बार में ट्रांसफर कराए 21 लाख डर के कारण वीरेंद्र सिंह ने 27 अगस्त को दो लाख और 5 सितंबर को दो लाख रुपए अलग-अलग खातों में RTGS किए। इसके बाद भी आरोपियों की धमकियां जारी रहीं। 14 सितंबर को उनसे 10 लाख रुपए ICICI बैंक के खाते में और 18 सितंबर को 7 लाख रुपए हैदराबाद स्थित श्री वेंकटेश्वरी यूपी-वीसी प्राइवेट लिमिटेड के खाते में ट्रांसफर कराए गए। इस तरह कुल 21 लाख रुपए ठगों ने अपने खातों में मंगा लिए। दुकान के पास का वीडियो भेजकर भी डराया पीड़ित के बेटे अधिवक्ता आयुष कुमार ने बताया कि ठगों ने डराने के लिए उनकी दुकान के पास का एक वीडियो बनाकर उनके पिता के मोबाइल नंबर पर भेजा। वीडियो भेजने के बाद कहा गया कि उनके दो लोग आसपास मौजूद हैं, इसलिए कोई होशियारी न करें। आयुष के मुताबिक, लगातार धमकियों से परेशान कारोबारी को बाद में ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने एसएसपी इटावा और साइबर थाने में शिकायत की। कभी IPS तो कभी CBI चीफ बनकर करते थे कॉल आरोपी कभी अपना नाम बलराज सिंह IPS बताते थे तो कभी प्रदीप नाम से खुद को CBI चीफ बताते थे। व्हाट्सएप ऑडियो और वीडियो कॉल के जरिए लगातार कारोबारी को धमकाया जाता रहा। 21 सितंबर को भी आरोपियों ने फोन कर रुपए मांगे। रकम नहीं देने पर कारोबारी और उनके बेटे को घर से उठाकर जेल भेजने और जमानत नहीं होने देने की धमकी दी गई। एक खाते में भेजे 7 लाख रुपए होल्ड कराए एसपी क्राइम संतोष सिंह ने बताया कि एक खाते में भेजी गई 7 लाख रुपए की रकम होल्ड करा दी गई है। अन्य खातों और मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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