450 करोड़ से बदलेगा अलीगढ़ रेलवे स्टेशन का चेहरा:एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं; सामने की सड़क भी हो सकती है बंद, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, होटल, पार्किंग और आधुनिक यात्री सुविधाएं मिलेंगी
अलीगढ़ रेलवे स्टेशन अब पुराने ढर्रे से निकलकर नए अवतार में नजर आएगा। करीब 450 करोड़ रुपए के आधुनिकीकरण प्रोजेक्ट में स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी है। नई बिल्डिंग तैयार हो चुकी है। अब रंगाई-पुताई और फिनिशिंग का काम चल रहा है। कायाकल्प पूरा होने के बाद स्टेशन पर यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ होटल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और पार्किंग जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। स्टेशन का नया लुक अलीगढ़ और ब्रज की पहचान से जोड़ा जाएगा। मुख्य प्रवेश द्वार पर ही यात्रियों को ब्रज संस्कृति और अलीगढ़ की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत की झलक मिलेगी। यानी स्टेशन शहर में आने वाले यात्रियों के लिए अलीगढ़ की पहचान का पहला परिचय भी बनेगा। स्टेशन से दाऊद खां तक ओवरब्रिज का प्रस्ताव 450 करोड़ की योजना में अलीगढ़ स्टेशन से दाऊद खां स्टेशन तक ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव भी है। इसके लिए एसबीआई तिराहा, बरछी बहादुर पुल, गांधीपार्क रोडवेज बस स्टैंड होते हुए दाऊद खां तक के संभावित रूट पर विचार किया जा रहा है। यह ओवरब्रिज बना तो रेलवे कनेक्टिविटी के साथ शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। नया स्टेशन, पुरानी इमारत हटेगी अंग्रेजों के समय बनी स्टेशन की पुरानी इमारत करीब 157 साल पुरानी बताई जाती है। आधुनिकीकरण के तहत इसे हटाकर नए स्वरूप में स्टेशन विकसित करने की तैयारी है। अभी इस पर निर्णय होना बाकी है। अधिकारी इस पर मंथन कर रहे हैं। नई बिल्डिंग में यात्रियों की आवाजाही से लेकर व्यावसायिक गतिविधियों तक के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की जाएंगी। शॉपिंग से होटल तक, स्टेशन पर ही मिलेंगी सुविधाएं नई बिल्डिंग में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, होटल, पार्किंग और दूसरी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे यात्रियों को जरूरी सामान और अन्य सुविधाओं के लिए स्टेशन से बाहर जाने की जरूरत कम होगी। स्टेशन परिसर में भीड़ को व्यवस्थित करने में भी मदद मिलेगी। दिल्ली एंड पर नया पैदल पुल तैयार दिल्ली एंड पर बन रहा पैदल पुल भी अब बनकर तैयार हो गया है। नया पुल शुरू होने के बाद यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने और स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने में ज्यादा सहूलियत मिली है। स्टेशन के सामने की सड़क बंद हुई तो बदलेगा ट्रैफिक पैटर्न स्टेशन के सामने रेलवे की जमीन पर बनी सड़क को भी बंद करने की कवायद चल रही है। यह सड़क एक तरफ सिविल लाइंस और एएमयू की ओर जाती है, जबकि दूसरी तरफ पान दरीबा, सेंटर प्वाइंट और दुबे पड़ाव क्षेत्र जुड़ता है। इसके विकल्प के तौर पर कठपुला से सीधे सेंटर प्वाइंट तक नई सड़क बनाने की कवायद है। अगर यह योजना लागू होती है तो स्टेशन के आसपास यातायात का मौजूदा ढांचा बदल जाएगा। स्टेशन के सामने की सड़क पर वाहनों का दबाव कम करने और वैकल्पिक कनेक्टिविटी देने का यह बड़ा बदलाव होगा। 161 साल का इतिहास, अब आधुनिक भविष्य अलीगढ़ स्टेशन का इतिहास करीब 161 साल पुराना है। दिल्ली-हावड़ा के महत्वपूर्ण रेलवे ट्रैक पर बने इस स्टेशन की आधारशिला वर्ष 1865-66 में रखी गई थी। 1975-76 में स्टेशन का विद्युतीकरण हुआ। अब करीब डेढ़ सदी से ज्यादा पुराने इस स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की तैयारी है। अलीगढ़ स्टेशन पर एक नजर - ‘ए’ श्रेणी का रेलवे स्टेशन
- दिल्ली-हावड़ा रूट पर करीब 250 ट्रेनें गुजरती हैं
- इनमें करीब 80 मालगाड़ियां
- 108 ट्रेनों का ठहराव
- 64 सुपरफास्ट, 18 एक्सप्रेस और 26 पैसेंजर ट्रेनें
- स्टेशन पर 7 प्लेटफॉर्म
- CCTV और कंट्रोल रूम की सुविधा
- GRP और RPF थाना
- रेलवे मजिस्ट्रेट कोर्ट
- चाइल्ड लाइन का मुख्य कार्यालय रेलवे का कहना अमित सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर मध्य रेलवे, ने बताया कि स्टेशन पर आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। यात्रियों के लिए और सुविधाएं उपलब्ध कराने की कार्ययोजना तैयार है। इसे जल्द अमलीजामा पहनाया जाएगा।
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