60 फीट ऊंचे मंच से प्रभु स्वरूप देंगे दर्शन:माता सीता और भ्राता भी रहेंगे साथ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां से होगा श्रीराम विवाह का वर्णन

Oct 07, 2026 - 18:38
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60 फीट ऊंचे मंच से प्रभु स्वरूप देंगे दर्शन:माता सीता और भ्राता भी रहेंगे साथ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां से होगा श्रीराम विवाह का वर्णन
सिकंदरा के भावना एस्टेट में सजी जनकपुरी में बुधवार सुबह भगवान श्रीराम के स्वरूप का आगमन हुआ। जनकपुरी पहुंचने पर आरती उतारकर प्रभु स्वरूप का भव्य स्वागत किया गया। श्रीराम के दर्शन के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु जनकपुरी पहुंचने लगे। जय श्रीराम के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। सुबह आगमन के बाद अब शाम को जनक महल के मंच से भगवान श्रीराम, माता सीता और अन्य स्वरूप श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। आयोजन समिति के अनुसार शाम 7 बजे से स्वरूप दर्शन का कार्यक्रम होगा। सुबह श्रीराम के आगमन से शुरू हुआ उत्सव जनकपुरी में बारात लेकर सुबह श्रीराम के स्वरूप के पहुंचते ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। आरती और स्वागत के बाद लोगों ने प्रभु स्वरूप के दर्शन किए। परिवारों के साथ पहुंचे श्रद्धालु काफी देर तक जनकपुरी में मौजूद रहे। शाम के मुख्य दर्शन को देखते हुए भीड़ और बढ़ने की संभावना है। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शाम 7 बजे जनक महल के मंच से श्रीराम, माता सीता और अन्य स्वरूपों के दर्शन होंगे। इसके साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। आयोजन समिति के अनुसार नासिक का लाइव बैंड गणेश वंदना प्रस्तुत करेगा। वहीं इंडिया गॉट टैलेंट की टीम की ओर से हनुमान स्तुति प्रस्तुत की जाएगी। तुलसी-शालिग्राम विवाह में दिखी मिथिला की झलक इससे पहले सुबह भावना एस्टेट स्थित भावनेश्वरनाथ मंदिर में तुलसी-शालिग्राम विवाह कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह की रस्में पूरी हुईं। राजा जनक और रानी सुनैना के स्वरूपों ने कन्यादान की रस्म निभाई। राजा दशरथ और रानी कौशल्या के स्वरूप शालिग्राम जी को लेकर विवाह स्थल पहुंचे, जबकि जनक-सुनैना के स्वरूप तुलसी महारानी को लेकर पहुंचे। विवाह के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीत गाए। “आज हमारे आंगन तुलसी आईं...” जैसे मंगल गीतों से मंदिर परिसर में विवाह जैसा माहौल बन गया। 60 फीट ऊंचा जनक महल, 300×150 फीट में परिसर जनकपुरी का मुख्य आकर्षण 60 फीट ऊंचा जनक महल है। करीब 300×150 फीट के परिसर में तैयार किए गए महल का मुख्य मंच बिना खंभों के बनाया गया है, जिससे दूर बैठे श्रद्धालुओं को भी स्वरूपों के दर्शन में परेशानी न हो। महल को नेपाली शैली में सजाया गया है। झरोखों और बालकनियों में जोधपुर की स्थापत्य शैली की झलक दिखाई दे रही है। परिसर में तीन मंच बनाए गए हैं। मुख्य मंच पर प्रभु स्वरूप विराजेंगे, जबकि दूसरे मंच पर सम्मान समारोह और तीसरे पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 2 हजार श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था जनक महल परिसर में करीब 2 हजार श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की गई है। करीब 600 लोगों के लिए अलग वीआईपी गैलरी बनाई गई है। दूर खड़े श्रद्धालुओं को भी दर्शन कराने के लिए 40 से अधिक एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं। लिंक रोड से प्रवेश, दो जगह झूले श्रद्धालुओं के लिए लिंक रोड की ओर से जनकपुरी में प्रवेश के लिए 4 से 5 मुख्य द्वार बनाए गए हैं। अंदर बैरिकेडिंग के जरिए प्रवेश व्यवस्था रखी गई है। निकासी के लिए अलग रास्ते की व्यवस्था की गई है। परिसर में दो स्थानों पर झूले लगाए गए हैं। फूड स्टॉल और बाजार भी सजाए गए हैं। शाम होते ही यहां लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी है। श्रद्धालु पहले मेले और खान-पान क्षेत्र में पहुंच रहे हैं, इसके बाद जनक महल की ओर जा रहे हैं। सुबह श्रीराम के आगमन से शुरू हुआ जनकपुरी का उत्सव अब शाम के मुख्य कार्यक्रम की ओर बढ़ रहा है। शाम 7 बजे मंच से होने वाले प्रभु स्वरूपों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की उम्मीद है।

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