7वीं की छात्रा बनी एक दिन की डीएम:जालौन में जनसुनवाई के दौरान फरियादियों की समस्याएं सुनीं
जालौन में गुरुवार दोपहर 12 बजे कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मडोरा की 7वीं क्लास की छात्रा प्रतीक्षा को एक दिन के लिए जिलाधिकारी बनाया गया। डीएम समीर ने बुके भेंटकर छात्रा का स्वागत किया और अपनी कुर्सी पर बैठाकर उसका उत्साहवर्धन किया। इस पहल ने छात्रा को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करने की प्रेरणा दी। छात्रा ने जनसुनवाई में फरियादियों की समस्याएं सुनीं प्रतीकात्मक जिलाधिकारी की भूमिका में प्रतीक्षा ने जनसुनवाई के दौरान फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस दौरान छात्रा को प्रशासनिक कार्यप्रणाली, जनसमस्याओं के समाधान और अधिकारियों की जिम्मेदारियों को करीब से समझने का अवसर मिला। इस अनूठे अनुभव से उत्साहित प्रतीक्षा ने कहा कि वह मन लगाकर पढ़ाई करेंगी और कड़ी मेहनत के बल पर आईएएस या पीसीएस अधिकारी बनने का सपना पूरा करेंगी। उनका कहना था कि वह अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी लगन से पढ़ाई करेंगी। प्रतीक्षा का यह संकल्प अन्य छात्राओं के लिए भी प्रेरणादायी है। डीएम बोले- छात्रा प्रतीक्षा होनहार हैं डीएम ने छात्रा की प्रतिभा और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि प्रतीक्षा बेहद होनहार हैं। उन्हें विश्वास है कि वह भविष्य में अच्छी शिक्षा प्राप्त कर किसी उच्च प्रशासनिक पद पर पहुंचेंगी और अपनी जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करेंगी। उन्होंने छात्रा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए पढ़ाई के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रोत्साहित किया। इस पहल का मकसद बालिकाओं को सशक्त बनाना, उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है। प्रतीक्षा को प्रतीकात्मक जिलाधिकारी बनाकर यह संदेश दिया गया कि बेटियां भी प्रशासनिक सेवाओं में उच्च पदों तक पहुंच सकती हैं। शिक्षा, मेहनत, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन से वे अपने सपनों को साकार कर सकती हैं।
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