950 से ज्यादा शिक्षा प्रेरकों का मानदेय बकाया:6 माह पहले जमा हुए बैंक खाते, लोक जनशक्ति पार्टी ने दी चेतावनी

Oct 14, 2026 - 17:17
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950 से ज्यादा शिक्षा प्रेरकों का मानदेय बकाया:6 माह पहले जमा हुए बैंक खाते, लोक जनशक्ति पार्टी ने दी चेतावनी
साक्षर भारत मिशन योजना के तहत जिले में तैनात रहे 950 से अधिक शिक्षा प्रेरकों के बकाया मानदेय का मामला फिर गरमा गया है। बुधवार की दोपहर करीब 3:30 बजे लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने डीएम ऑफिस पहुंचकर शिक्षा प्रेरकों के करीब 40 माह के बकाया मानदेय का भुगतान कराने की मांग उठाई है। पार्टी के जिलाध्यक्ष पवन कठेरिया ने 14 अक्टूबर को जिलाधिकारी को संबोधित पत्र देकर जल्द भुगतान कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर पार्टी शिक्षा प्रेरकों के हक के लिए संवैधानिक दायरे में रहकर लड़ाई लड़ेगी। पार्टी की ओर से दिए गए पत्र में बताया गया कि वर्ष 2009-10 में साक्षर भारत मिशन योजना के तहत मैनपुरी जिले में 950 से अधिक शिक्षा प्रेरकों की नियुक्ति की गई थी। इन्हें 2 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाता था। मार्च 2018 में बिना किसी नोटिस के इनकी संविदा समाप्त कर दी गई। इसके साथ ही करीब 40 माह का मानदेय भी बकाया रह गया, जिसका भुगतान अब तक नहीं हो सका है। जिलाध्यक्ष पवन कठेरिया ने पत्र में कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश के क्रम में करीब छह माह पहले सभी प्रभावित शिक्षा प्रेरकों से उनके बैंक खातों का विवरण जमा कराया जा चुका है। इसके बावजूद अभी तक किसी भी शिक्षा प्रेरक को बकाया मानदेय नहीं मिला है। इससे लंबे समय से भुगतान की उम्मीद लगाए बैठे पूर्व शिक्षा प्रेरकों को निराशा का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी ने इस देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब संबंधित शिक्षा प्रेरकों के बैंक विवरण पहले ही जमा कराए जा चुके हैं, तो भुगतान की प्रक्रिया अब तक पूरी क्यों नहीं हुई। पत्र के जरिए प्रशासन से मामले में पहल कर बकाया राशि दिलाने की मांग की गई है। लोक जनशक्ति पार्टी ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि उपलब्ध बैंक विवरण के आधार पर 950 से अधिक शिक्षा प्रेरकों के बकाया मानदेय का जल्द भुगतान कराया जाए। पार्टी का कहना है कि लंबे समय से लंबित इस मामले का निस्तारण कर प्रभावित लोगों को राहत दी जानी चाहिए।

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