आचार्य प्रमोद कृष्णम को धमकी के बाद कल्कि-धाम पहुंचे संत:सुरक्षा बढ़ाने की मांग, धमकी देने वाले और उसके नेटवर्क की उच्चस्तरीय जांच की मांग
संभल में श्रीकल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम को धमकी मिलने के बाद सोमवार को संतों का प्रतिनिधिमंडल कल्कि धाम पहुंचा। पंचदशनाम अखाड़े के जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि नंद गिरी के नेतृत्व में संत दोपहर करीब 3 बजे धाम पहुंचे। शाम 5 बजे प्रेसवार्ता कर संतों ने आचार्य प्रमोद कृष्णम और श्रीकल्कि धाम की सुरक्षा तत्काल बढ़ाने की मांग की। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने हाल में दावा किया था कि उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से धमकी भरा ऑडियो संदेश मिला, जिसमें बम और रॉकेट लॉन्चर से हमला करने की धमकी दी गई थी। जांच पूरी होने तक सुरक्षा में कमी न हो जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि नंद गिरी ने कहा कि धमकी देने वाले व्यक्ति और उसके सहयोगियों की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से आचार्य प्रमोद कृष्णम तथा श्रीकल्कि धाम की सुरक्षा तत्काल बढ़ाने की मांग की। कहा कि जांच अपनी जगह चलती रहेगी, लेकिन जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आचार्य प्रमोद कृष्णम राष्ट्र, धर्म और श्रीकल्कि धाम के निर्माण से जुड़े कार्यों में सक्रिय हैं। इसलिए किसी धमकी के कारण उनके कार्यक्रम प्रभावित नहीं होने चाहिए। धमकी को गंभीरता से लेने की मांग जगद्गुरु ने कहा कि आचार्य प्रमोद कृष्णम को मिली धमकी को केवल एक व्यक्ति को दी गई धमकी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। संत समाज इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और सरकार को तत्काल आवश्यक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि धमकी देने वाला व्यक्ति कहीं भी हो, उसकी पहचान के साथ उसके संपर्क और नेटवर्क की भी जांच की जानी चाहिए। सुरक्षा एजेंसियों को मामले की गंभीरता से जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए। स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि धमकी के बावजूद संत समाज भयभीत नहीं है। किसी भी धमकी के कारण धार्मिक और सामाजिक गतिविधियां नहीं रुकनी चाहिए। उन्होंने श्रीकल्कि धाम परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। पहले से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम की मांग जगद्गुरु ने कहा कि सरकार के पास सुरक्षा एजेंसियां और पर्याप्त संसाधन हैं। ऐसे मामलों में किसी अप्रिय घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न अखाड़ों और संत समाज के प्रतिनिधि इस मामले में आचार्य प्रमोद कृष्णम के साथ खड़े हैं। उनके मुताबिक, श्रीकल्कि धाम में विभिन्न महापुरुषों के सम्मान और सनातन परंपरा से जुड़े संदेश को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। गुरु गोविंद सिंह के सम्मान का भी किया उल्लेख स्वामी चक्रपाणि नंद गिरी ने आचार्य प्रमोद कृष्णम के सिख और हिंदू एकता के संदेश का उल्लेख करते हुए गुरु गोविंद सिंह जी के सम्मान की बात कही। उन्होंने कहा कि श्रीकल्कि धाम में विभिन्न धार्मिक परंपराओं और महापुरुषों के सम्मान का संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 फरवरी 2024 को श्रीकल्कि धाम का शिलान्यास किया था। उन्होंने आचार्य प्रमोद कृष्णम की ओर से प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और उत्तर प्रदेश सरकार से की गई शिकायत का भी हवाला दिया।
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