आगरा में पत्नी की हत्या आरोप में पति बरी:कोर्ट ने बिना तलाक दूसरी शादी पर माना दोषी, हुई तीन साल कैद
आगरा में पत्नी की हत्या के मामले में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर कोर्ट ने आरोपी पति को दोषमुक्त कर दिया। वहीं, पहली पत्नी को तलाक दिए बिना दूसरी शादी करने के मामले में उसे दोषी ठहराते हुए 3 साल के कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट शिव कुमार की अदालत ने थाना सिकंदरा क्षेत्र के गांव अटूस निवासी उदय सिंह के मामले में यह फैसला सुनाया। थाना सिकंदरा में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, शाहगंज थाना क्षेत्र के पुलिस लाइन निवासी निखिल कुमार ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि वर्ष 2019 में उनकी बहन ज्योति ने उदय सिंह के साथ कोर्ट मैरिज की थी। उदय सिंह ने अपनी पहली पत्नी से तलाक लिए बिना ज्योति से शादी की थी। आरोप है कि उदय ने ज्योति को उसके पूर्व पति से तलाक के बाद मिले 10 लाख रुपए और जेवर भी ले लिए थे। दोनों का एक बेटा हुआ। आरोप है कि इसके बाद भी ज्योति का दहेज के लिए उत्पीड़न किया जाने लगा। 20 दिसंबर 2022 को उदय सिंह ने ज्योति की हत्या कर दी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में वादी निखिल कुमार, मृतका की मां सोन देवी और तत्कालीन क्षेत्राधिकारी मयंक तिवारी समेत छह गवाह पेश किए गए। मामले में उदय सिंह के खिलाफ दहेज हत्या, एससी-एसटी एक्ट और पहली पत्नी को तलाक दिए बिना दूसरा विवाह करने के आरोप लगाए गए थे। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में उसे पत्नी की हत्या, दहेज उत्पीड़न और एससी-एसटी एक्ट के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। वहीं, पहली पत्नी को तलाक दिए बिना दूसरी शादी करने के मामले में दोषी पाते हुए तीन साल के कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
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