आज गुरु गोरखनाथ का पूजन कर विजयादशमी शोभायात्रा निकालेंगे CM:मुस्लिम समाज के लोग स्वागत करेंगे, रात में दंडाधिकारी की भूमिका निभाएंगे

Oct 20, 2026 - 05:25
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आज गुरु गोरखनाथ का पूजन कर विजयादशमी शोभायात्रा निकालेंगे CM:मुस्लिम समाज के लोग स्वागत करेंगे, रात में दंडाधिकारी की भूमिका निभाएंगे
गोरखपुर में विजयादशमी पर मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली पारंपरिक विजय शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे। सुबह वह शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का विशेष पूजन करेंगे। इसके बाद मंदिर परिसर के देव विग्रहों की पूजा और श्रद्धालुओं के साथ पारंपरिक तिलकोत्सव में शामिल होंगे। शाम 4 बजे गोरखनाथ मंदिर से शोभायात्रा निकलेगी। तुरही, नगाड़ों और बैंड-बाजे की धुन के बीच यात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी, जहां योगी आदित्यनाथ भगवान शिव की पूजा करेंगे। इसके बाद शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचेगी। यहां मुख्यमंत्री प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमानजी का पूजन कर आरती उतारेंगे और श्रीराम का राज्याभिषेक करेंगे। रात में वह गोरखनाथ मंदिर में साधु-संतों के बीच दंडाधिकारी की भूमिका भी निभाएंगे। सुबह गुरु गोरखनाथ का पूजन, शाम को निकलेगी शोभायात्रा गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुसार, विजयादशमी पर गोरक्षपीठाधीश्वर विशेष परिधान में गुरु गोरखनाथ का पूजन करते हैं। मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधि-विधान से पूजन करेंगे। इसके बाद मध्याह्न में मंदिर परिसर में पारंपरिक तिलकोत्सव होगा, जिसमें वह श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे और जौ के जवारे का प्रसाद देंगे। शाम 4 बजे गोरखनाथ मंदिर से विजय शोभायात्रा निकलेगी। तुरही, नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ यात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी। यहां देवाधिदेव महादेव की पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचेगी। रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमानजी का पूजन करेंगे। इसके बाद श्रीराम का राज्याभिषेक और आरती होगी। यहां उनका संबोधन भी प्रस्तावित है। देर शाम गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक भोज होगा, जिसमें समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल होंगे। शोभायात्रा में दिखेगा सामाजिक सौहार्द, रात में दंडाधिकारी बनेंगे योगी गोरखनाथ मंदिर की विजयादशमी शोभायात्रा को धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। हर साल इसमें विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होते हैं। अल्पसंख्यक समुदाय के लोग भी शोभायात्रा का स्वागत करते हैं। मंदिर के मुख्य द्वार के पास लोग फूल-मालाएं लेकर यात्रा के स्वागत के लिए जुटते हैं। रात में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में दंडाधिकारी की भूमिका निभाएंगे। यह अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ-योगी महासभा की पारंपरिक बैठक का हिस्सा है। इस दौरान साधु-संत पात्र देवता के रूप में गोरक्षपीठाधीश्वर की पूजा करते हैं। इसके बाद उन्हें अचला और दक्षिणा भेंट की जाती है। बैठक में साधु-संतों के बीच वर्षभर में हुए आपसी विवाद भी रखे जाते हैं। गोरक्षपीठाधीश्वर इन मामलों में निर्णय सुनाते हैं, जिसे परंपरा के अनुसार सभी साधु-संत स्वीकार करते हैं। विजयादशमी के दिन सुबह गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गुरु गोरखनाथ का विशिष्ट पूजन करेंगे। साथ ही मंदिर परिसर के सभी देव विग्रहों की पूजा की जाएगी। इसके बाद मध्याह्न काल में गोरखनाथ मंदिर में होने वाले पारंपरिक तिलकोत्सव कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे। सायंकाल 4 बजे से विजयादशमी शोभायात्रा निकाली जाएगी। देर शाम को गोरखनाथ मंदिर में परंपरागत भोज का भी आयोजन होगा जिसमें अमीर-गरीब और जातीय विभेद से परे बड़ी संख्या में सर्वसमाज के लोग शामिल होंगे। रात में निभाएंगे दंडाधिकारी की भूमिका गोरक्षपीठाधीश्वर रात में दंडाधिकारी की भूमिका में रहेंगे। यह ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ द्वारा स्थापित अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ-योगी महासभा की बैठक होती है। इसमें पात्र देवता के रूप में गोरक्षपीठाधीश्वर की साधु-संत पूजा करते हैं। उसके बाद गोरक्षपीठाधीश्वर अचला व दक्षिणा भेंट स्वरूप देंगै। इसके बाद साधु-संतों में पूरे वर्ष के दौरान यदि कोई आपसी विवाद होगा तो उसे गोरक्षपीठाधीश्वर के समक्ष रखा जाएगा। जो निर्णय गोरक्षपीठाधीश्वर सुनाएंगे, उसे सभी साधु-संत स्वीकार करते हैं।

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