आजमगढ़ की घटना की मजिस्ट्रियल जांच शुरू:प्रत्यक्षदर्शियों से बयान देने की अपील, 22 सितंबर को गोली कांड में हुई थी पांच की मौत
आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के ग्राम शम्भूपुर में 22 सितम्बर को हुई गोलीकांड की घटना की मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी गई है। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुपालन में उप जिला मजिस्ट्रेट बूढ़नपुर चन्द्र प्रकाश सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है। प्रशासन के अनुसार, 22 सितम्बर 2026 की शाम करीब पांच बजे ग्राम शम्भूपुर में अरविन्द सिंह द्वारा अपनी पत्नी बबिता तथा महेन्द्र प्रसाद पाठक और अखिलेश मिश्रा की लाइसेंसी असलहे से गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना सामने आई थी। इसके बाद आरोपी अपने तीन बच्चों के साथ घर के अंदर बंद हो गया था। घटना की सूचना पर जोन और जनपद के पुलिस अधिकारियों के साथ पर्याप्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने आरोपी को समझाकर आत्मसमर्पण कराने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी द्वारा बच्चों को भी गोली मारने की धमकी दी जा रही थी। प्रशासन के अनुसार, 23 सितम्बर की रात करीब 12:50 बजे बंद कमरे से अचानक गोली चलने और बच्चों के रोने-चीखने की आवाज सुनाई दी। बच्चों की जान-माल की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने दरवाजा तोड़ने का निर्णय लिया। दरवाजा टूटने के बाद आरोपी ने गोली चलाई, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में वह घायल हो गया। एसडीएम द्वारा की जा रही है जांच
अब इस पूरी घटना की मजिस्ट्रियल जांच उप जिला मजिस्ट्रेट बूढ़नपुर द्वारा की जा रही है। एसडीएम ने घटना के प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामवासियों से अपील की है कि जिन लोगों के पास घटना से संबंधित कोई जानकारी, लिखित अथवा मौखिक साक्ष्य या बयान है, वे जांच में अपना पक्ष दर्ज करा सकते हैं। इच्छुक व्यक्ति 5 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 के बीच किसी भी कार्य दिवस में तहसील स्थित उप जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय/कार्यालय में उपस्थित होकर अपना बयान या साक्ष्य दर्ज करा सकते हैं।
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