आलू की माला पहनकर कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान:आलू नीति बनाने की मांग, बोले- उपज का सही मूल्य नहीं मिल रहा

Oct 06, 2026 - 14:21
0
आलू की माला पहनकर कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान:आलू नीति बनाने की मांग, बोले- उपज का सही मूल्य नहीं मिल रहा
आलू किसानों को फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने और आलू कारोबार से जुड़े व्यापारियों, आढ़तियों व शीतगृह संचालकों के आर्थिक संकट का हवाला देते हुए मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में किसानों ने प्रदर्शन किया। किसान आलुओं की माला पहनकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसान आंदोलन उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल के नेतृत्व में दोपहर करीब एक बजे मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को सौंपा गया। इसमें आलू किसानों के हित में आलू नीति बनाने समेत छह प्रमुख मांगें उठाई गईं। अजय अनमोल ने बताया कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आलू किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। इससे किसान लगातार आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ आलू के कारोबार से जुड़े व्यापारी, उद्यमी, निर्यातक, आढ़ती और शीतगृह स्वामी भी संकट में हैं। इसी को लेकर 7 सितंबर से फर्रुखाबाद से प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि आंदोलन के तहत 17 सितंबर को कन्नौज और 25 सितंबर को कानपुर कमिश्नरी का घेराव किया गया था। अब उन्नाव में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। अजय अनमोल ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग आलू की अलग नीति बनाने की है। जब तक आलू नीति नहीं बनती, तब तक शीतगृह का किराया किसानों से न लिया जाए और इसका भुगतान सरकार करे। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में मंडी शुल्क समाप्त या कम किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश में भी इसे खत्म किया जाना चाहिए। आलू के निर्यात को पूरी तरह मुक्त करने और निर्यात पर लगे प्रतिबंध समाप्त करने की मांग भी उठाई गई। किसान नेता ने कहा कि आलू किसानों को उचित भाव मिलना जरूरी है। हाइब्रिड आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1000 रुपये और चिप्सोना आलू का 1500 रुपये घोषित किया जाए। इससे कम भाव मिलने पर सरकार भावांतर योजना लागू कर कीमत के अंतर की भरपाई किसानों को करे। उन्होंने कहा कि आलू की लागत और लगातार नुकसान के कारण किसान कर्ज में डूब रहे हैं, इसलिए उन्हें कर्जमुक्त करने की दिशा में भी सरकार को कदम उठाना चाहिए।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User