आउटसोर्स भर्ती के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप:शामली में जांच बैठी, पेट्रोलमैन की नौकरी के लिए 40 हजार रुपए मांगने का दावा

Oct 09, 2026 - 08:34
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आउटसोर्स भर्ती के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप:शामली में जांच बैठी, पेट्रोलमैन की नौकरी के लिए 40 हजार रुपए मांगने का दावा
शामली के ऊर्जा निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती और तैनाती के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप सामने आए हैं। पेट्रोलमैन की नौकरी दिलाने के लिए एक जेई पर 40 हजार रुपये मांगने का आरोप लगा है। जेई और आउटसोर्स कर्मचारी के बीच बातचीत का ऑडियो सामने आया है। इसमें 30 हजार और 40 हजार रुपये को लेकर बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामला सामने आने के बाद ऊर्जा निगम ने जांच शुरू करा दी है। अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र सिंह ने एक्सईएन और एसडीओ के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की है। जांच के दायरे में करीब छह माह पहले हटाए गए 150 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी और हाल में हुई भर्तियां भी शामिल हैं। छह माह पहले हटाए गए थे 150 से अधिक कर्मचारी करीब छह माह पहले जिले में तैनात 150 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को अलग-अलग कारणों से हटा दिया गया था। इसके विरोध में कर्मचारियों ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों से लेकर कलक्ट्रेट तक प्रदर्शन किया था। बाद में कुछ कर्मचारियों को दोबारा तैनाती दी गई। वर्तमान में मेहर इंटरप्राइजेज के माध्यम से नए कर्मचारियों की भर्ती और तैनाती की प्रक्रिया चल रही है। इसी बीच भर्ती के नाम पर कथित रूप से रुपये मांगने का मामला सामने आया है। ऑडियो में 30 और 40 हजार रुपए की बातचीत वायरल कथित ऑडियो में एक कर्मचारी 30 हजार रुपये की व्यवस्था करने की बात कहता सुनाई देने का दावा है। इसके जवाब में जेई की ओर से 40 हजार रुपये की बात कहे जाने की बात सामने आई है। बातचीत में किसी अन्य कर्मचारी से रकम लिए जाने का भी जिक्र बताया जा रहा है। हालांकि, ऑडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच कमेटी मामले से जुड़े तथ्यों और आरोपों की पड़ताल कर रही है। कर्मचारी समिति ने हाल की भर्तियों की जांच मांगी विद्युत संविदा कर्मचारी समिति के अध्यक्ष भीष्म सिंह, महामंत्री संदीप कुमार उपाध्याय और दिलावर सिंह समेत अन्य कर्मचारियों ने मामले में शिकायत की है। समिति का आरोप है कि नए आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी पर रखने के नाम पर 30 से 40 हजार रुपये तक मांगे जा रहे हैं। समिति ने हाल में हुई भर्तियों की जांच कराने की मांग की है। समिति अध्यक्ष भीष्म सिंह के अनुसार, रुपये देने के बाद एक कर्मचारी को एक अक्टूबर को तैनाती मिलने की जानकारी सामने आई है। कर्मचारियों ने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। समिति ने कार्रवाई नहीं होने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी भी दी है। कंपनी के पदाधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आउटसोर्स भर्ती में कथित रूप से रुपये मांगने के आरोपों के बाद संबंधित कंपनी के पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। बताया जा रहा है कि जेई की संस्तुति पर कर्मचारियों को तैनाती दी जाती है। ऐसे में जांच के दौरान संस्तुति के आधार पर हुई नियुक्तियों और कंपनी के पदाधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा सकती है। जांच के बाद होगी कार्रवाई : अधीक्षण अभियंता अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मामला गंभीर है। जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दथेड़ा के जेई मनोज कुमार ने रिश्वत मांगने के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि राजनीतिक कारणों से कुछ लोग इस तरह के आरोप लगा रहे हैं।

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