अब डीएम से मिले बरौली टाउन एरिया के लिपिक:अलीगढ़ में पत्नी-बेटी और दूसरी नगर पंचायतों के लिपिकों के साथ पहुंचा पीड़ित, चेयरमैन पर पिस्टल तानने का आरोप
बरौली नगर पंचायत के भाजपा चेयरमैन मनोज कुमार सिंह पर पिस्टल तानने, गला दबाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाने वाला लिपिक अब कार्रवाई के लिए डीएम के दरबार में पहुंचा। गुरुवार को कपिल पाठक पत्नी, बेटी, अन्य परिजनों और जिले की दूसरी नगर पंचायतों के लिपिकों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचा। डीएम अविनाश कुमार सिंह से मुलाकात कर उसने अपनी शिकायत रखी। डीएम ने पूछा कि पुलिस स्तर पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है। इस पर कपिल ने बताया कि एसएसपी को शिकायत देने के बावजूद अभी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। डीएम ने मामले में जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।
डीएम के सामने शराब के नशे में हरकत करने का आरोप
कपिल पाठक ने डीएम को बताया कि 12 अक्टूबर की रात चेयरमैन मनोज कुमार सिंह उनके घर पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान उन पर पिस्टल तानी गई, गला दबाया गया और जबरन गाड़ी में बैठाने की कोशिश की गई। बीच-बचाव करने आई पत्नी के साथ भी धक्का-मुक्की और अभद्रता करने का आरोप लगाया गया है। कपिल का दावा है कि पुलिस की आपातकालीन सेवा 112 पर कॉल करने के लिए मोबाइल निकालने पर चेयरमैन ने फोन छीन लिया था।
डीएम के सामने कपिल ने यह भी आरोप लगाया कि चेयरमैन शराब के नशे में इस तरह की हरकतें करते हैं। उसने अपने और परिवार की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए मामले में एफआईआर दर्ज कराने और कार्रवाई की मांग की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
पीएफ के भुगतान और काम में देरी पर हुआ था विवाद
कपिल इससे पहले एसएसपी को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग कर चुका है। शिकायत के मुताबिक, घटना की रात नगर पंचायत के ड्राइवर और कंप्यूटर सहायक भी चेयरमैन के बुलाने की बात कहकर उसके घर पहुंचे थे। इसके बाद विवाद हुआ।
वहीं, चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने आरोपों को खारिज किया था। उनका कहना था कि नगर पंचायत के सफाई कर्मचारियों को आठ महीने से पीएफ नहीं मिलने और बजट संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजने में देरी से वह नाराज थे। लिपिक के समय से कार्यालय नहीं पहुंचने और फोन नहीं उठाने को लेकर कहासुनी हुई थी। मोबाइल लेने की बात स्वीकारते हुए उन्होंने कहा था कि फोन लिपिक के पड़ोसी को दे दिया था। पिस्टल तानने, गला दबाने और मारपीट के आरोपों को उन्होंने निराधार बताया था।
अब प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर
शिकायतकर्ता के मुताबिक, एसएसपी को शिकायत देने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। डीएम ने जांच के आधार पर कार्रवाई का भरोसा दिया है। अब मामले में पुलिस की कार्रवाई और प्रशासनिक जांच के नतीजों का इंतजार है।
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