अधिवक्ता फारुख हत्याकांड में पत्नी से 3 घंटे जिरह:रामपुर में बचाव पक्ष के चीफ डिफेंस काउंसिल ने पूछे सवाल; 3 अक्टूबर को फिर होगी जिरह

Sep 28, 2026 - 19:37
0
अधिवक्ता फारुख हत्याकांड में पत्नी से 3 घंटे जिरह:रामपुर में बचाव पक्ष के चीफ डिफेंस काउंसिल ने पूछे सवाल; 3 अक्टूबर को फिर होगी जिरह
रामपुर के चर्चित अधिवक्ता फारुख अहमद खां हत्याकांड में सोमवार को मृतक की पत्नी और जिला पंचायत में क्लर्क गोसिया से बचाव पक्ष ने करीब तीन घंटे तक जिरह की। दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुई जिरह शाम 5 बजे तक चली, लेकिन पूरी नहीं हो सकी। अब 3 अक्टूबर को अदालत में आगे की जिरह होगी। मामले की सुनवाई सत्र न्यायालय में चल रही है। अभियोजन पक्ष की ओर से गोसिया के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। सोमवार को चीफ डिफेंस काउंसिल प्रवीण सिंह ने उनसे जिरह शुरू की। करीब तीन घंटे तक चले सवाल-जवाब के बाद भी जिरह पूरी नहीं हो सकी। अदालत ने आगे की जिरह के लिए 3 अक्टूबर की तारीख तय की है। कार्यालय में विवाद के बाद चली थी गोली घटना 11 फरवरी को जिला पंचायत कार्यालय में हुई थी। फारुख अहमद खां की पत्नी गोसिया जिला पंचायत में क्लर्क हैं। बताया गया कि स्थापना पटल पर तैनात लिपिक असगर अली के देर से कार्यालय आने को लेकर गोसिया और असगर के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद गोसिया ने फोन कर अपने पति फारुख को कार्यालय बुलाया था। फारुख एक साथी के साथ जिला पंचायत पहुंचे। आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद उन्होंने असगर अली को तीन थप्पड़ मार दिए। इसके बाद दोनों के बीच हाथापाई होने लगी। लाइसेंसी पिस्टल से चली गोली, फारुख की मौत आरोप है कि हाथापाई के दौरान असगर अली ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली चला दी। गोली फारुख के पेट में लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के दौरान असगर अली भी पेट में गोली लगने से घायल हुआ था। पत्नी ने दो लोगों पर दर्ज कराया था मुकदमा फारुख की पत्नी गोसिया ने असगर अली और जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी नीरज रस्तोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। गोसिया ने आरोप लगाया था कि अपर मुख्य अधिकारी के इशारे पर असगर अली ने उनके पति की गोली मारकर हत्या की। पुलिस ने मामले में असगर अली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना पूरी होने के बाद उसके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र भी दाखिल किया गया। हत्या के विरोध में वकीलों ने किया था प्रदर्शन फारुख अहमद खां की हत्या के विरोध में अधिवक्ताओं ने कई दिनों तक हड़ताल की थी। इस दौरान हाईवे जाम कर प्रदर्शन भी किया गया था। आसपास के जिलों में भी अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किए थे। फिलहाल मामले की सुनवाई सत्र न्यायालय में जारी है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User